बरेली। बिहार की तीन तलाक पीड़िता नसीमा खातून को अब नया नाम व ठिकाना मिल गया है। वह अब मीनाक्षी बन गई हैं। उन्होंने हिंदू धर्म अपनाते हुए क्योलड़िया के महेश शर्मा के साथ सात फेरे लिए। उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है, जिसे वह साथ लेकर आई हैं। अब महेश ही उसका पालन-पोषण करेंगे।
बिहार के पूर्णिया जिले की नसीमा खातून को उसके पति ने तीन तलाक देकर छोड़ दिया था। क्योलड़िया के साहबगंज दलेलनगर गांव के महेश से उसकी बिहार में ही जान पहचान हुई थी। दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। इसके बाद नसीमा खातून अपनी बेटी के साथ बरेली आईं। यहां उसने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया और अपना नाम मीनाक्षी रखा। बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य केके शंखधार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसका विवाह महेश से कराया।
महेश का कहना है कि वह अब बेटी को पिता के तौर पर पालेंगे। दोनों की शादी से महेश के परिजन काफी खुश हैं। मीनाक्षी का कहना है कि वह बालिग है और उसने सोच समझकर यह फैसला किया है। मीनाक्षी ने शपथ पत्र देते हुए कहा है कि उसकी आस्था हिंदू धर्म में है। वह हिंदू देवी देवताओं की पूजा-अर्चना करती हैं।
पति व परिवार के लिए मांगी सुरक्षा
मीनाक्षी ने बताया कि महेश से शादी करने के बाद उसके परिवार वाले खुश नहीं हैं। घर वाले उसकी व उसके पति व ससुराल वालों की जान के दुश्मन मन गए हैं। जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। अगर इन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो ये लोग उसकी, महेश व अन्य ससुराल वालों की हत्या कर देंगे। मीनाक्षी ने एसएसपी को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है।