सुरक्षा के लिहाज से त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन को और विस्तार रूप देने के लिए सात गांव की 265 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन से एनओसी मिल चुकी है। मंजूरी के लिए प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा जा चुका है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। कंजादासपुर, भूड़ा, नगरिया कला और अहमदनगर समेत सात गांव जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। पत्रकारों को यह जानकारी एयरफोर्स के विंग कमांडर मनीष नेगी ने दी। बताया कि त्रिशूल एयरफोर्स के सौ मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके लिए वर्ष 2006 में रक्षा मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया था। उसके बाद इस दायरे में कोई भी निर्माण पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके बावजूद भी होने वाले निर्माण कार्यों को रोकने के लिए एयरफोर्स स्टेशन की ओर से जिला प्रशासन से कहा जाता है लेकिन कई निर्माण कार्यों को हटाया नहीं गया है। उन्होंने बताया कि आठ अक्टूबर को एयरफोर्स स्टेशन पर एयरफोर्स डे मनाया जाएगा। इस मौके पर विशेष आयोजन किए जाएंगे। एयरफोर्स के जवान ध्रुव और सुखोई जैसे हेलिकाप्टर के जरिए आसमान में करतब पेश करेंगे। कार्यक्रम में कई प्रमुख स्कूलों के बच्चों को आमंत्रित किया गया है। बुधवार को एयरफोर्स के अधिकारियों को पत्रकारों को एयरफोर्स की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। सुखोई 30 और एएलएच ध्रुव हेलिकाप्टर का डिस्पले भी किया। एयर आफिसर कमांडिंग एयर कमांडोर आईएस वालिया ने प्रेजेंटेशन दिया। फ्लाइट के मूवमेंट की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि किस तरह से दुश्मन से लड़ने को जवान तैयार किए जाते हैं।