फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: खुले में रखे ट्रांसफार्मर... बिखरे तार, खतरा बरकरार

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। किला क्षेत्र में करंट से छात्रा की मौत ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अभियंताओं की लापरवाही उजागर की है। मुख्य मार्गाें पर खुले में रखे ट्रांसफार्मर और उसके आसपास बिखरे पड़े तारों से हादसों का खतरा बना हुआ है। अगर बारिश से पहले ट्रांसफार्मरों के आसपास के तार समेट कर ठीक कर दिए होते तो किला क्षेत्र की छात्रा को न करंट लगता और न ही उसकी जान जाती।
विज्ञापन

खुले में रखे ट्रांसफार्मरों के परिसर में झाड़ियां हैं। हरी बेल तारों के सहारे जमीन से लेकर खंभे तक चढ़ गईं हैं। इसका विस्तार फाॅल्ट के साथ करंट फैलने का भी कारण बन रहा है, लेकिन अभियंता इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। यह स्थिति तब है जब मुख्य अभियंता ने गर्मी शुरू होने से पहले बिजली लाइनों से पेड़ की डालें हटाने और ट्रांसफार्मरों के परिसर साफ कराने के आदेश दिए थे, लेकिन आदेशों का पालन नहीं किया गया। इतना ही नहीं गैरजिम्मेदारी दिखाने वाले अभियंताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा का दावा है कि अधिकतर स्थानों पर ट्रांसफार्मरों पर बैरिकेडिंग कराई गई है। झाड़ियां हटवाईं गईं है। बिजली लाइनों से पेड़ की डाल हटीं हैं। कुछ स्थान रह गए हैं, उन पर अभी काम कराएंगे ताकि हादसा न होने पाए।


ये है शहर में लापरवाही का आलम
- सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी में ट्रांसफार्मर के चारों ओर जलभराव हो गया। तार बिखरे पड़े हैं।
- एसएसपी कार्यालय के सामने ट्रांसफार्मर के चारों ओर बेल चढ़ी है। करंट आने का खतरा है।
- श्यामगंज व सिविल लाइंस में सीता रसोई के सामने ट्रांसफार्मर के चारों ओर बेल खंभों पर चढ़ गई है।
- प्रेमनगर की नई बस्ती में खुले में रखे ट्रांसफार्मर से आसपास के लोगों को करंट का खतरा है।
- माधौबाड़ी मार्ग पर निजी नर्सिंग होम के पास डिवाइडर पर खतरे बिजली के तार बिखरे पड़े हैं।
- हजियापुर में ट्रांसफार्मर के चारों ओर बैरिकेडिंग नहीं है। आसपास जलभराव हो रहा है।
- सेटेलाइट से पीलीभीत मार्ग पर खुले तारों का बंच है। अभियंताओं ने टेप लगाने तक की जहमत नहीं उठाई।
- शांतिविहार में मढ़ीनाथ मार्ग पर सुमैया सिठौरा के बीच सड़क पर खुले में ट्रांसफार्मर रखा है।





छात्रा के परिजन को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी

छात्रा की मौत करंट लगने से हुई। इस बात को स्वीकार करते हुए अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल ने बताया कि घटना के कारणों की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम करेगी। छात्रा के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही मदद खाते में भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें