बरेली। निजी क्षेत्र की पहली ट्रेन तेजस के विरोध में रेलकर्मी उतर आए हैं। ट्रेन का लखनऊ से नई दिल्ली तक जमकर विरोध हो रहा है।
इज्जतनगर रेलवे वर्कशाप में एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि तेजस ट्रेन के संचालन से सिद्ध हो चुका है कि अब रेलवे को निजी हाथों में जाने से कोई नहीं रोक सकता है। रेलवे वर्कशाप के सामने मजदूर यूनियन के मंडल अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने कहा कि निजी हाथों में ट्रेन का संचालन होने से यात्रियों का भविष्य असुरक्षित हो गया है। तेजस पर रेलवे का नियंत्रण खत्म हो गया है। कार्यकारी अध्यक्ष वीएन सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने एकजुट होकर आवाज नहीं उठाई तो उनकी पीढ़ी भविष्य खतरे में आ जाएगा। विरोध करने वालों में पीके दुबे, परवेज आलम, एनसी पंत, प्रदीप कुमार, मोहम्मद यूनुस, कुलदीप आदि शामिल थे।