बरेली। शहर आलमगिरी गंज निवासी पद्मश्री से सम्मानित ''''खिलौना गुरु'''' के नाम से मशहूर अरविंद गुप्ता बच्चों में विज्ञान के प्रति खिलौने से दिलचस्पी जगा रहे हैं। देशभर के अलग-अलग स्कूलों में बच्चों को कबाड़ से खिलौने बनाना सिखा रहे हैं। उनके खिलौने विज्ञान की जटिल भाषा को आसान शब्दों में समझाते हैं। वह अब तक देश के करीब दो हजार विद्यालयों में बच्चों को सिखा चुके हैं।
अरविंद गुप्ता इस समय बरेली आए हुए हैं और स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को खिलौने बनाकर पढ़ाई के मजेदार तरीके सिखा रहे हैं। शुक्रवार को वह कांधरपुर के प्राइमरी विद्यालय में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कबाड़ से, मिट्टी के मटके से व अन्य तरीकों से खिलौने बनाने सिखाए। इसी से विज्ञान की पढ़ाई का महत्व भी उन्हें समझाया। प्रधानाध्यापक शबीना परवीन से कहा कि वह भी इस तरह के नए प्रयोग के साथ बच्चों को पढ़ाएं तो बेहतर होगा। सोमवार को वह अल्मा मातेर स्कूल में पहुंचेंगे और यहां बच्चों को सिखाएंगे। बता दें कि अरविंद गुप्ता ने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद अपना पूरा जीवन शिक्षा क्षेत्र को समर्पित कर दिया। फिलहाल वह पुणे के चिल्ड्रेन साइंस सेंटर चलाते में बच्चों को खिलौने बनाना सीखाते हैं और इसके जरिए बच्चों को विज्ञान और गणित पढ़ाते हैं।
वह कहते हैं कि फिलहाल तीन दिनों के लिए बरेली आया था और जहां से भी उन्हें बुलाया गया, वह बच्चों को सिखाने पहुंच गए। कहते हैं कि एक बात का मलाल जरूर है कि जितना उन्होंने सोचा उतना वह अपने इस शहर के लिए नहीं कर पाए। आगे जितने अधिक मौके मिलेंगे अपने शहर के लिए जरूर करेंगे। अधिक से अधिक बच्चों को प्रशिक्षित करेंगे और वह चाहते हैं कि जिले के शिक्षक इस तरह के नए प्रयोगों से बच्चों से पढ़ाई कराएं ताकि वह अधिक दिलचस्पी के साथ विषयों को समझे और पढ़े।