बरेली। मानसून की दस्तक से खेतों में हो रहे जलभराव से फसलें बर्बाद हो रही हैं। इस कारण टमाटर के नखरे जहां लाल होने लगे हैं, वहीं प्याज भी भाव खाने लगी है। लागत निकालने के लिए बची फसल का सहारा है। हरी सब्जियों के साथ आलू दोगुना, टमाटर सौ रुपये, प्याज 50 रुपये किलो बिक रहा है।
डेलापीर मंडी के वेजिटेबल एंड फ्रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष शुजा उर रहमान के मुताबिक दस जून तक ज्यादातर सब्जियों के दाम दस से बीस रुपये प्रति किलो थे। 15 जून को पहली बार भाव बढ़ने पर कीमत दो से तीन गुना तक पहुंच गई। वहीं, अब उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय होने से लगातार बारिश हो रही है। लिहाजा, लौकी, तुरई, टमाटर, खीरा, धनिया अन्य लता और बेलदार फसलों को नुकसान हुआ है। कई जगह खेत पानी में डूब गए हैं। जिस वजह से मंडी में सब्जी की आवक कम होने के साथ ही दाम में भी बढ़ोतरी हुई है।
डेलापीर मंडी के सब्जी कारोबारी सलीम खान के मुताबिक बारिश के चलते ट्रकों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कोलकाता से आने वाली फसलों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि अगर बारिश जारी रही तो दाम और बढ़ेंगे।
पांच गुना बढ़ गई धनिया की कीमत, मिर्च तिगुना
कीमतों पर गौर करें तो 10 जून से 25 जून और अब तक कीमतों में कई गुना बढ़त हो चुकी है। क्रमवार 60 रुपये, 120 रुपये और अब तीन सौ रुपये प्रति किलो धनिया बिक रही है। मिर्च 30 से 45 और अब सौ रुपये किलो जा पहुंची है। आलू और प्याज की कीमतें भी तीन गुना तक हैं। सब्जियां महंगी होने से लोगों की जेब ढीली हो रही है। रसोई का बजट गड़बड़ा गया है।
सब्जी फुटकर(6 जुलाई) 10 जून 25 जून
आलू 45 15 30
प्याज 50 20 25
टमाटर 100 10 30
धनिया 300 60 120
खीरा 40 10 25
मिर्च 100 30 45
अरवी 80 40 50
शिमला मिर्च 110 40 50
करेला 40 20 25
बैगन 50 25 40
लौकी 50 10 35
तुरई 60 15 30
कद्ददू 40 10 20
नोट : सब्जियों की कीमत रुपये प्रति किलो। 10 और 25 जून को कीमत फुटकर सब्जी की।