टेंडर लेने वाली फर्म पीछे हटी, इसलिए हो गई देरी
सात लाख रुपये प्रतिदिन वसूली करके जमा करने की शर्त के साथ पहले एक फर्म ने टेंडर लिया था, लेकिन वसूली शुरू करने के लिए सिक्योरिटी जमा करने का अवसर आया तो फर्म पीछे हट गई। इसलिए देरी हो गई। अगर फर्म पीछे न हटती तो अब तक वसूली शुरू हो गई होती। अब दोबारा से टेंडर निकाले गए।
जिन फर्मों ने टेंडर भरे हैं उसमें अधिकतर 4.5 लाख रुपये प्रतिदिन जमा का टेंडर बताया गया है। जिस फर्म ने यह टेंडर भरा है, उसे प्रायोगिक तौर पर तीन महीने के लिए वसूली का अधिकार मिलने की उम्मीद है। इसी की प्रक्रिया चल रही है। अगर वाहन अधिक गुजरे तो इसका आकलन तीन महीने की अवधि में हो जाएगा। अगला टेंडर अधिक मूल्य का स्वीकार किया जाएगा।
एक दिन में 10 हजार से अधिक वाहन देंगे टोल
बरेली से पीलीभीत होते हुए टनकपुर जाने का मुख्य मार्ग यही है। टू लेन वाले 74 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 24 घंटे में दस हजार से अधिक वाहन गुजरने का आकलन किया गया है। इसी हिसाब से दरें तय की गई हैं। दस हजार से अधिक वाहन चालक टोल भरने के बाद आगे बढ़ सकेंगे।