फतेहगंज पूर्वी। बड़ी बेटी के घर कार्यक्रम के बाद पूरनलाल तिलहर में अपने साढ़ू के यहां चले गए थे। वहां छोटी बेटी पुष्पा के लिए अभी से लड़का देख रहे थे। काम पूरा होने के बाद वह घर आने के लिए निकले, उससे पूर्व साढ़ू ने रोका, लेकिन वह नहीं माने। सड़क हादसे में दंपती की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। पूरनलाल मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके पास तीन बीघा जमीन भी थी। उनके छह संतानों में दो बेटियां और एक बेटे की शादी हो चुकी है। दो बेटियां और एक बेटा अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पूरनलाल का छोटा बेटा दसवीं कक्षा का छात्र है, जो कि एक निजी स्कूल में पढ़ता है। 16 वर्षीय बेटी पुष्पा और शोभा सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत है। हादसे के बाद गांव वाले पूरनलाल के बच्चों को सांत्वना देकर ढाढस बंधा रहे हैं, लेकिन परिजनों के आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। संवाद