मांग के बाद भी नहीं ढंका गया नाला
अमीर बक्श ने बताया कि खुले नाले से हादसे की आशंका को देखते हुए मोहल्ले वालों ने कई बार यहां पटले डालने की मांग की। अब तक सुनवाई नहीं हुई। नाले की साफ-सफाई भी नहीं होती। इस वजह जलनिकासी नहीं हो पाती। बारिश के दिनों में पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां और नाला कहां। उन्होंने कहा कि अगर नाले को ढंका गया होता तो शायद शाहिल की जान नहीं जाती।