बरेली। जिले में जुआ, सट्टा कराने से लेकर तमाम अवैध कामों में एसओजी की भूमिका सामने आती रही है। अब दरोगा के बेटे अमन की हत्या के मामले में भी एसओजी पर अंगुलियां उठ रही हैं। एसओजी पर हत्या से पहले अमन को बुलाने का आरोप है। एसएसपी के आदेश पर सीओ टू ने इसकी जांच शुरू कर दी है। वहीं, किला थाने से फरार राम गूजर का भी सुराग नहीं लग सका है, जबकि कुछ आरोपी पुलिस के शिकंजे में बताए जा रहे हैं।
शाहजहांपुर में तैनात दरोगा सुनील कुमार के बेटे अमन की हत्या की रिपोर्ट 15 जुलाई को किला थाने में दर्ज हुई थी। अमन की मां शोभा ने आरोप लगाया था कि उनका बेटा अमन एसओजी के बुलावे पर 13 जुलाई को पुलिस लाइन जाने की बात कहकर गया था। उसे राम गूजर के जरिये समझौता कराने के लिए बुलाया गया था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने तब एफआईआर में एसओजी टीम को बतौर आरोपी शामिल नहीं किया था।
इस बीच किला थाने लाया गया राम गूजर फरार हो गया। इस बार फिर एसओजी व किला पुलिस कठघरे में है। बताते हैं कि प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने के बहाने अमन को बुलाने में एसओजी के तीन सदस्यों की भूमिका रही। एसएसपी ने एसओजी सदस्यों की भूमिका और किला पुलिस की लापरवाही की जांच सीओ द्वितीय संदीप कुमार सिंह को सौंपी है।
हिस्ट्रीशीटर ललित का चेला है विपिन
अमन की हत्या का मुख्य आरोपी विपिन हाल ही में मुठभेड़ के बाद जेल भेजे गए हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना का खास चेला है। जिन दुकानों को लेकर विपिन और अमन का विवाद चल रहा था, वह ललित सक्सेना की मार्केट बताई जा रही है। बताते हैं कि इन्हीं में से एक दुकान अमन के नाम पर है। इस दुकान में विपिन ने ताले डाल दिए थे। इसी को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ रहे थे।
एसओजी के पास पहुंचने से पहले से घेरा
चर्चा है कि प्रॉपर्टी के धंधे में अपना मतलब सीधा करने के लिए एसओजी के तीन सदस्य भी लग गए। इन्होंने राम गूजर की मदद से अमन को बुलवाया था। कहा था कि विपिन से उसका समझौता करा देंगे। हालांकि, टीम तक पहुंचने से पहले अमन को विपिन गैंग ने पकड़ लिया और हत्या कर दी। विपिन को यह भी शक था कि राम गूजर के सहारे अमन एसओजी से मिलकर उसका नुकसान करा सकता है। इसलिए उसे रास्ते से ही हटा दिया गया।
हत्या में नामजद शख्स से मदद की आस
राम गूजर हत्या में नामजद आरोेपी है। उसके थाने से फरार होने के पीछे पुलिस तर्क दे रही है कि उससे अन्य हत्यारोपियों की गिरफ्तारी में मदद ली जा रही है। किसी आरोपी से उसी केस में मदद लेने का तर्क किसी के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। चर्चा है कि भविष्य में पुलिस राम गूजर को केस से बरी करने की भूमिका भी बना सकती है। इसके लिए एसओजी के स्तर से भी प्रयास किया जा रहा है। ब्यूरो
अमन की हत्या के मामले में नामजद सभी आरोपी जेल भेजे जाएंगे। राम गूजर की तलाश की जा रही है। उसके थाने से फरार होने और एसओजी के सदस्यों की भूमिका को लेकर सीओ टू जांच कर रहे हैं। जल्दी ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जो भी दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राहुल भाटी, एसपी सिटी