बरेली। सड़क दुर्घटना में सीबीगंज के खलीलपुर रोड निवासी अभिषेक की मौत के साथ परिवार पर भी संकट के बादल छा गए हैं। वह घर में इकलौते कमाने वाले थे। पिता गोपाल सक्सेना पहले सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। अब घर पर ही रहते हैं। इसके अलावा घर में मां बीना सक्सेना और बहन रूपल सक्सेना है।
अभिषेक ही हुंडई शोरूम में नौकरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। पिता गोपाल ने बताया कि जब वह खाटू श्याम के दर्शन के लिए निकला था, तो परिवार के बड़े लोगों का आशीर्वाद लिया था। यह नहीं पता था कि लौटकर ही नहीं आएगा। बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस ने सूचना दी तो पविार में कोहराम मच गया। अब परिवार में आर्थिक संकट छा गया है। घर खर्च से लेकर बेटी की शादी की जिम्मेदारी भी अब बूढ़े पिता के कंधों पर आ गई है।
पंद्रह दिन पहले ही खाटू श्याम के दर्शन कर लौटा था आशीष
अलीगंज के बहाजागीर निवासी आशीष पंद्रह दिन पहले ही खाटू श्याम होकर आया था। छोटे भाई अजय कुमार ने बताया कि उनके पिता शंकरलाल खेतीबाड़ी करते हैं। बड़े भाई आशीष की दो साल पहले ही बदायूं के उझानी स्थित बारी खेड़ा गांव की रहने वाली निशा के साथ शादी हुई थी। बताया कि भाई ने बताया था कि एक दोस्त ने नई कार ली है और वह सभी दोस्त फिर से खाटू श्याम दर्शन को जा रहें है। इसी वजह से उनके भाई एक दिन पहले ही भाभी निशा मौर्य को उसके मायके छोड़ कर आए थे। बृहस्पतिवार को पत्नी निशा को उनकी मौत की सूचना मिली तो वह बेसुध हो गई।
जय सिंह ने ली थी कार
जय सिंह एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। उनके पिता महावीर सिंह प्रापर्टी डीलर का काम करते हैं। जय सिंह की दो बहनों की शादी हो चुकी है। उनके परिवार में पिता के साथ ही मां ओमवती, एक छोटा भाई, पत्नी पूजा और दो बच्चे हैं। उन्होंने हाल में नई कार खरीदी थी, इसी से सभी दर्शन को जा रहे थे।