लखीमपुर खीरी में दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज जंगल में रेल ट्रैक पर मैलानी-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आए तीन हिरनों की मौत हो गई। यह तीनों हिरन चीतल प्रति के हैं। वन विभाग ने मृत हिरनों को कब्जे में लेकर उनका पोस्टमार्टम कराया है। इस मामले में वन विभाग ने अज्ञात लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज जंगल से होकर रेलवे ट्रैक निकला है। बांकेगंज छोटी नहर पुल के आगे पोल संख्या 182 / 10 के पास गेंहू खेतों में चर रहे चीतल सुबह मैलानी से लखनऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन की आवाज सुनकर रेलवे ट्रैक क्रास कर भागने लगे। इस बीच ट्रेन आने से तीनों चीतल ट्रेन की चपेट में आकर ठोकर लगने से इधर-उधर जा गिरे। गंभीर चोट लगने पर तीनों हिरन मौके पर ही मर गए।
दो नर और एक मादा चीतल थी
हिरनों में दो नर और एक गर्भवती मादा चीतल थी। ग्रामीणों ने गुरुवार को मृत हिरनों को रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर एसपी त्रिपाठी, सागर कुशवाहा ने तीनों मृत हिरनों को कब्जे में लेकर बांकेगंज पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद मृत हिरनों को दफन कर दिया गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज के रेंजर साजिद हसन ने बताया कि मैलानी-बांकेगंज रेल प्रखंड के बीच ट्रेन की चपेट में आने से दो नर और एक गर्भवती मादा चीतल की मौत हो गई है। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। इस संबध में अज्ञात लोको पायलाट के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है।