बरेली। रविवार को शहरवासियों की सुबह रिमझिम बारिश के साथ हुई। सुबह आठ बजे आसमान साफ हुआ और धूप निकली। महज घंटेभर बाद बादल घिरे और दस मिनट रिमझिम हुई। फिर बादल छंटे और सुबह 11.30 बजे शहर समेत जिले में कई जगह ओले गिरे। दोपहर में चटक धूप निकली पर रह-रहकर बादल घिरते हैं। शाम को फिर से बारिश हुई। इधर, सूचना मिलने पर अब जिला प्रशासन बर्बाद फसल का सर्वे कराएगा।
शनिवार दिन में हुई तेज बारिश के बाद गिरी फसलों से जूझ रहे किसानों की मुश्किल रविवार को बरसे ओलों ने बढ़ा दी। एडीएम एफआर संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि सभी तहसीलों में बारिश थमने के बाद सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। जिन किसानों की फसल 33 फीसदी से ज्यादा प्रभावित हुई होगी, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इधर, मौसम विभाग ने सोमवार को येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अनुकूल माहौल बनने पर हल्की, तेज बारिश की संभावना जताई है। वहीं, उच्च वायुदाब का क्षेत्र बनने की स्थिति में बादल मंडराएंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी।
मौमस विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक शुक्रवार देर रात हुई बारिश के चलते रुहेलखंड क्षेत्र में आंशिक उच्च वायुदाब का क्षेत्र बना। घने बादल मंडराने के बावजूद करीब 30 फीसदी कम बारिश हुई। ओले भी कुछ ही इलाकों में गिरे। शहर में भी हल्के ओले गिरने की सूचना रही। अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम 21.1 डिग्री और न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
कई इलाकों के लोग कीचड़, जलभराव से जूझ़े
शनिवार रात और रविवार सुबह हुई बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में लोग जलभराव और कीचड़ से जूझते रहे। इसके अलावा सिकलापुर, अहमद अली तालाब वाली गली, राजीव नगर, सुभाषनगर पुलिया, आजाद नगर, जगतपुर, श्यामगंज, सैलानी, सूफी टोला और पुराना शहर समेत इज्जतनगर की कई कॉलानियों की गलियों में जलभराव से राहगीर जूझते रहे।
ओला गिरने से फसलें बर्बाद, किसान परेशान
सेंथल। जिले में सर्वाधिक ओले नवाबगंज के सेंथल क्षेत्र में गिरे। स्थानीय किसानों के मुताबिक ओला गिरने से सरसों, गेहूं की फसल को नुकसान हुआ। ग्राम दुआवट के किसान तसलीम के मुताबिक तीन बीघा खेत में गेहूं बोया था। बारिश से पहले फसल बिछ गई है। किसान पूरनलाल ने ओले गिरने से सरसों की फसल के फूल और बालियां बर्बाद हो गईं। संवाद