बरेली। शहर में पकड़े गए गिरोह से पूछताछ में देशभर में साइबर ठगी के संकेत मिले हैं। इसी गिरोह ने वाराणसी में लोगों से ठगी की है। बरेली पुलिस से सूचना और पुष्टि के बाद शुक्रवार को वहां के साइबर थाने में इसी गिरोह पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वाराणसी पुलिस आरोपियों की रिमांड भी लेगी।
गिरोह किस तरह लोगों को ठगता है, हरियाणा निवासी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा होने की बात कही जा रही है। बरेली पुलिस की जांच में अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक लोगों से केवाईसी के नाम पर उनके कागजात लेकर खाते खुलवाने और उनके डेबिट कार्ड आदि खुद संचालित करने जैसी बातें सामने आई हैं। बरेली पुलिस ने गिरोह की जानकारी प्रदेश स्तर पर साझा की तो वाराणसी पुलिस ने संपर्क साधा। बताया गया कि वहां बीमा कराने के नाम पर लोगों को ठगा गया था। ठगों के खिलाफ शिकायतें आई थीं पर नाम-पते या जानकारी तस्दीक न होने की वजह से रिपोर्ट नहीं लिखी जा सकी।
ब्लॉक खाता खुलवाने आया था योगेंद्र
कोतवाल धर्मेंद्र सिंह दो दिन से गिरोह की धरपकड़ व पूछताछ में लगे थे। आरोपी अभिषेक गंगवार ने बताया कि उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में योगेंद्र का खाता ब्लाॅक हुआ था जिसे खुलवाने वह बरेली आया था। उसके पास फरीदाबाद से राज राजपूत ने व्हाट्सएप कॉल की थी कि योगेंद्र की खाता खुलवाने में मदद कर दें। इसी दौरान दूसरे साथी आ गए और पुलिस ने शक के आधार पर पकड़ लिया।
ये बरतें सावधानी
-
किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद रखें।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।