बरेली। हर बार बड़े हादसे के बाद जो होता है, वहीं लखनऊ के होटल में आग के बाद मंगलवार को हुआ। चेकिंग करने निकले अग्निशमन विभाग के अफसरों को 32 होटलों में सिर्फ तीन के पास एनओसी मिली। बाकी सभी होटलों में आग से बचाव के भी कोई इंतजाम नहीं मिले। दिखावे के लिए अग्निशमन यंत्र लगे थे लेकिन उनके उपयोग की समयसीमा कब की खत्म हो चुकी थी। इन्हें नोटिस देने की औपचारिकता फिर पूरी कर दी गई।
दमकल विभाग ने मंगलवार को होटल, गेस्ट हाउस और अस्पतालों में जांच-पड़ताल की। स्टेशन रोड के 90 फीसदी से ज्यादा होटलों और गेस्ट हाउस में आग से बचाव के इंतजाम नहीं मिले। कुछ होटलों में दो-चार अग्निशमन यंत्र लगे भी मिले तो वे अनुपयोगी थे। टीम को 32 होटलों में से सिर्फ तीन के पास अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिला। दमकल विभाग की नौ टीमों ने डीजी फायर सर्विस के आदेश पर 92 होटलों, गेस्ट हाउस और अस्पताल में व्यवस्था परखी।
हौसला इतना... एनओसी नहीं, ऊपर
से एफएसओ को सुना दी खरीखोटी
अग्निशमन विभाग की टीम को होटल श्री राजकमल के बेसमेंट में क्लिनिक चलता मिला जहां काफी मरीज बैठे थे। आग से बचाव के लिए होटल में एक-दो अग्निशमन यंत्र थे लेकिन एनओसी नहीं थी। एनओसी न लेने के सवाल पर राजकमल और बरेली होटल के कर्मी सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा से उलझ गए। तकरार बढ़ी तो सीएफओ ने कोतवाली से पुलिस बुला ली। पुलिस दोनों होटलों के दो-दो कर्मियों को पकड़कर कोतवाली ले गई लेकिन कुछ ही देर बाद चारों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। जांच के दौरान कई होटल संचालकों ने एनओसी होने का दावा तो किया मगर मौके पर दिखा नहीं सका। सीएफओ ने सभी होटल और गेस्टहाउस संचालकों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
इन होटलों पर नहीं मिली एनओसी
सिविल मिलिट्री होटल, होटल कार्लटन, पटेल कोणार्क, एआर पैलेस, एसएसटी गेस्ट हाउस, एसजीएन गेस्ट हाउस, होटल सफाय, राज, शान रॉयल, सिमाया गेस्ट हाउस, साहिल गेस्ट हाउस, क्लासिक, किंग, गोल्ड स्टार, मंजिल, सुपर इंडियन, रिओ सिटी गेस्ट हाउस, होटल बरेली पैलेस, के. बरेली, रायल क्लासिक, श्री राजकमल, बालाजी गेस्ट हाउस, होटल ब्रोडवे, आशा किरन, श्री भास्कर, ईस्ट लाइट, पार्क प्रेसीडेंसी और होटल यांत्रिक
बगैर फायर एनओसी के चल रहे होटल, गेस्ट हाउसों, अस्पतालों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। - चंद्रमोहन शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी