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स्मार्ट सिटी के लिए कहीं ‘कोरोना’ न बन जाएं लॉकडाउन में हुए ये अवैध कब्जे

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सड़क पर खड़े वाहन बन रहे जाम का कारण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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श्यामगंज में फल मंडी के सामने एक तरफ की पूरी सड़क टेंपो वालों ने कब्जाई, दूसरी तरफ डग्गामार गाड़ियों के अड्डे

शहर में अवैध कब्जों का मसला शुरू से ही राजनीतिक रहा है। उमेश गौतम के मेयर बनने के बाद 2018 की शुरुआत शहर में अवैध कब्जे हटाने के एतिहासिक अभियान से हुई लेकिन इस अभियान पर इस कदर सियासी खींचतान शुरू हुई कि इसे पूरा होने से पहले ही बंद करना पड़ा। इस अभियान में मेयर के साथ कंधे से कंधा मिलाने वाले तत्कालीन एसएसपी जोगेंद्र सिंह और नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के ट्रांसफर के बाद उस पर जैसे पूरी तरह विराम लग गया। मेयर ने भी दोबारा कब्जे हटवाने का नाम नहीं लिया। अभियान में जो कब्जे हटाए गए थे, वे कुछ ही महीनों में दोबारा बहाल हो गए। स्मार्ट सिटी बनते बरेली शहर में लॉकडाउन के बाद अवैध कब्जों का एक नया दौर शुरू हुआ। सन्नाटे में डूबी सड़कों पर जिसको जहां मौका मिला, उसने कब्जा कर लिया। नगर निगम के अफसरों के साथ स्मार्ट सिटी के रणनीतिकारों ने भी सड़कें कब्जाने की इस मुहिम को पूरी तरह अनदेखा कर दिया। स्मार्ट सिटी तो फिलहाल घिसट ही रहा है लेकिन लॉकडाउन में कोरोना जैसी एक बीमारी उसके लिए भी तैयार हो गई।

श्यामगंज से मालियों की पुलिया तक हर 50 कदम पर डग्गामार गाड़ियों का अड्डा

श्यामगंज में जिस सड़क की एक लेन पर हाल ही में जल निगम ने सीवर लाइन के लिए खुदाई की थी, उसे पाटे जाने के बाद अब उस पर टेंपो और जिले भर के कस्बों के लिए दौड़ने वाली डग्गामार गाड़ियों ने अपना अड्डा बना लिया है। मालियों की पुलिया से लेकर फल मंडी तक अब दोनों तरफ का ट्रैफिक सड़क की एक ही लेन पर दौड़ रहा है। जल निगम की खुदाई के बाद दूसरी लेन अब तक ऊबड़-खाबड़ है जिस पर तमाम टेंपो खड़े रहते हैं। फल मंडी के पास सड़क की दूसरी लेन पर भी डग्गामार गाड़ियों के अड्डे हैं। मालियों की पुलिया के आगे भी सेटेलाइट चौराहे तक कई जगह कहीं डग्गामार गाड़ियों और बसों के अड्डे हैं तो कहीं अस्थाई दुकानें खुल गई हैं। श्यामगंज चौराहे पर दोपहिया वाहनों के चालान में जुटी रहने वाली ट्रैफिक पुलिस के इन अवैध अड्डों की अनदेखी से यह भी साफ है कि सबकुछ तय योजना के तहत ही हुआ है।

पुलिस से मिली इजाजत तो श्यामगंज और सेटेलाइट पुल के नीचे भी बन गए अड्डे

लॉकडाउन की पाबंदियाें के बीच जब सड़कों पर ट्रैफिक कम था, उसी दौरान श्यामगंज और सेटेलाइट चौराहे पर बने फ्लाईओवर के नीचे भी टेंपो के अवैध अड्डे बना लिए गए। टेंपो के साथ ई रिक्शा वाले भी यहीं से सवारियां भरकर चलने लगे हैं। कुछ समय पहले तक जब सड़कों पर ट्रैफिक कम था, तब तक तो कुछ खास समस्या नहीं थी लेकिन अब ट्रैफिक बढ़ने के साथ भीड़भाड़ वाली इन दोनों जगहों पर अक्सर जाम लगने लगा है। हालांकि इसके बावजूद टेंपो और ई रिक्शा की तादाद कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही है। दोनों ही प्वाइंट पर सिविल और ट्रैफिक पुलिस दोनों की ड्यूटी रहती है लेकिन फिर भी सबकुछ जैसे का तैसा चल रहा है।

मालियों की पुलिया पर ट्रकों की भरमार मैकेनिकों ने भी सड़क पर बनाए ठिकाने

मालियों की पुलिया से श्यामगंज की ओर भारी वाहनों के लिए नो एंट्री है। भारी वाहनों को रोकने के लिए कुछ साल पहले इसाइयों की पुलिया और मालियों की पुलिया दोनों जगह ओवर हाइट गेज बैरियर भी लगाए गए थे लेकिन अब यह पूरा इलाका ट्रकों और निजी बसों की अवैध पार्किंग बन गया है। ट्रक वालों ने दोनों बैरियर पहले ही उखाड़ फेंके थे। अब लॉकडाउन में इस सड़क पर कई नए मैकेनिकों के भी ठिकाने बन गए हैं। अवैध कब्जे हद से ज्यादा बढ़ जाने की वजह से ट्रैफिक गुजरना मुश्किल है। हाल ही में ट्रक पेट्रोल पंप के सामने तीन सौ बेड की ओर से आने वाली सड़क के मोड़ पर भी खड़े होने लगे हैं। इस प्वाइंट पर भी पुलिस की ड्यूटी रहती है लेकिन न अवैध कब्जों पर कोई फर्क पड़ता है न नो एंट्री में भारी वाहनों की आवाजाही पर।

हिंद टॉकीज के पीछे वाली रोड पर काम न हो तो कार लेकर कोई नहीं गुजरता

हिंद टॉकीज के पीछे रामपुर बाग से अयूब खां की ओर आने वाली सड़क पर भीषण अतिक्रमण की वजह से इस कदर जाम लगा रहता है कि लोगों ने काफी हद तक इस सड़क पर गुजरना ही छोड़ दिया है। इस सड़क पर वही लोग गुजरते हैं जिन्हें इस मार्केट में कोई काम होता है। दूर से ही यह सड़क जाम में फंसी दिखाई देती है। पूरे रोड पर दोनों तरफ ऑटो पार्ट्स और रिपेयरिंग की दुकानें हैं। फुटपाथ के साथ सड़क पर भी काम चलता रहता है। लॉकडाउन में अतिक्रमण और बढ़ गया है।

श्यामगंज के पूरे इलाके में नगर निगम का कोई स्टैंड नहीं है। जाहिर है कि वहां जो भी स्टैंड बनाए गए हैं, वह अवैध हैं। पुलिस को अवैध स्टैंड वालों को वहां से हटाना चाहिए। - अजीत कुमार सिंह, संयुक्त नगर आयुक्त

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