बदायूं। जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति मंगलवार सुबह करीब नौ बजे गुल हुई तो पांच घंटे बाद सुचारू हो सकी। इस दौरान वार्डों में भर्ती मरीज उमस भरी गर्मी में परेशान हो गए। खून की जांच और एक्सरे को जनरेटर चलाया गया, लेकिन मरीजों की सुध नहीं ली गई। जो भर्ती थे, वे हाथ के पंखे से पसीना सुखा रहे थे। वहीं, तमाम तीमारदार पेड़ की छांव में जाकर बैठ गए।
जिला अस्पताल की बिजली व्यवस्था चौपट है। आए दिन फॉल्ट होने से घंटों बिजली गुल हो जाती है। मंगलवार सुबह आठ बजे अस्पताल खुला, लेकिन जब मरीजों का आने का सिलसिला शुरू हुआ तो नौ बजे अचानक बिजली सप्लाई बंद हो गई। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल परिसर में बिजली लाइन का तार टूट गया है। बिजली विभाग के कर्मचारी आने के बाद तार जोड़ा जाएगा। करीब चार घंटे बाद कर्मचारी पहुंचे, तब करीब दो बजे बिजली सप्लाई सुचारू हुई। जांच कराने को लाइन में लगे मरीजों ने सीएमएस से जांच न होने की शिकायत की तो उन्होंने जनरेटर चलवाकर मरीजों की जांच कराई। वहीं, दूसरा जनरेटर चलवाकर ब्लड बैंक को सुरक्षित किया। पांच घंटे तक वार्डों में भर्ती मरीज व तीमारदार बेहाल रहे।
वार्ड में मरीज की पंखा झाल रहीं ममता देवी ने बताया कि कर्मचारी तो पंखे में बैठे हैं लेकिन मरीजों को देखने वाला कोई नहीं है। मरीज बेड छोड़कर बाहर हवा में बैठने को मजबूर हैं। गर्मी की उमस ने मरीजों को और भी बीमार कर दिया। रामवती ने बताया कि गर्मी की वजह ने बेहाल कर रख दिया। अस्पताल प्रशासन को मरीजों के लिए भी जनरेटर चलवाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। संवाद
अस्पताल परिसर में तार टूटकर गिर गया, जिससे बिजली सप्लाई ठप रही। जनरेटर चलवाकर ब्लड बैंक, एक्सरे मशीन व जांच को आए मरीजों को सुविधा दी गई। वार्डों तक जनरेटर की सप्लाई क्यों नहीं पहुंची। कर्मचारियों से इसकी जानकारी करेंगे। आगे से मरीजों को भी जनरेटर से सुविधा दी जाएगी।
-डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
गर्मी से बेहाल मरीज फर्स पर लेटा, पास बैठी महिला। संवाद
गर्मी से बेहाल मरीज फर्स पर लेटा, पास बैठी महिला। संवाद
गर्मी से बेहाल मरीज फर्स पर लेटा, पास बैठी महिला। संवाद
गर्मी से बेहाल मरीज फर्स पर लेटा, पास बैठी महिला। संवाद