मौके पर जांच करती फोरेंसिक टीम। संवाद
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बदायूं/उसहैत। सथरा गांव के सपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता का परिवार लंबे समय से रसूखदार रहा है, वहीं गांव के दूसरे पक्ष से उनकी गहरी राजनीतिक रंजिश चली आ रही है। वर्ष 2007 में राकेश गुप्ता के भाई नरेश गुप्ता की हत्या हुई थी। उससे पहले दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के पिता मारे गए थे। पिछले 14 साल से नया विवाद सामने नहीं आया, लेकिन सोमवार शाम अचानक राकेश गुप्ता, उनकी मां और पत्नी की हत्या किसने कर दी, अभी इसका पता नहीं चल सका है।
राकेश गुप्ता पिछले लंबे समय से अपने आवास विकास कॉलोनी में बने मकान में रह रहे थे, लेकिन कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी। चर्चा है कि रविवार को ही वह गांव पहुंचे थे। तब से वह गांव में ही रुके हुए थे। उनकी पत्नी शारदा देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इससे वह कहीं आती-जाती नहीं थीं। उनकी मां शांति देवी पूर्व प्रधान थीं। छोटे भाई राजेश गुप्ता और उनकी पत्नी संध्या गुप्ता भी उसावां के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक राकेश गुप्ता और गांव के एक व्यक्ति के बीच चुनाव को लेकर रंजिश चली आ रही है। करीब 15 साल पहले उस व्यक्ति के पिता मारे गए थे। वर्ष 2007 में राकेश गुप्ता के भाई नरेश गुप्ता की उनके ही घर सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसमें दूसरे पक्ष की बिरादरी के लोग शामिल बताए गए थे। गांव में दूसरे पक्ष का परिवार भी रसूखदार बताया जा रहा है। इस तिहरे हत्याकांड में उस व्यक्ति का नाम उछला है।
घर के बाहर लगी भीड़ व पुलिस। संवाद- फोटो : BADAUN
हत्याकांड के बाद घर के बाहर लगी भीड़। संवाद- फोटो : BADAUN