बरेली। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट मंडराने लगा है। शहर में 18 लाख लीटर पानी की कमी हो गई है। जलकल 142 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) पानी की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन यहां मांग 160 एमएलडी तक पहुंच गई है। मांग और आपूर्ति में अंतर बढ़ने से 50 हजार से ज्यादा आबादी शुद्ध पेयजल से वंचित हो रही है। उधर, पुरानी लाइन क्षतिग्रस्त होने से लाखों लीटर पानी बर्बाद भी हो रहा है।
दरअसल, नगर निगम ने प्रति व्यक्ति 140 लीटर पानी मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है। गर्मी में शहर के ज्यादातर इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इसमें निर्धारित समय से पहले ही पानी की आपूर्ति बंद होने से लेकर प्रेशर नहीं आने तक की शिकायतें आम हैं। शहर के सूफी टोला, कालीबाड़ी, जखीरा, जोगी नवादा, नवादा शेखान इलाकों में या तो पानी आ नहीं रहा है या दूषित पानी आने से लोग परेशान हैं। अधिकारी प्रेशर बढ़ाने और पानी की आपूर्ति ठीक करने के लिए सबमर्सिबल पंप लगवाने की बात कह रहे हैं।
पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से करीब 10 फीसदी पानी बर्बाद हो रहा है। लाइन में लीकेज की वजह से पानी का प्रेशर भी प्रभावित हो रहा है। अप्रैल में लाइन क्षतिग्रस्त होने की 96 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। हालांकि, इन्हें तय समय पर दुरुस्त कर लिया गया था।
वार्ड 78 में सूफी टोला, कटीकुइंया, घेर जाफर खां, सैलानी, झंडा क्षेत्र आता है। इसमें करीब 20 हजार लोग रहते हैं। यहां ईद के बाद से लोगों को साफ पानी नहीं मिला है। इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।
पानी का प्रेशर भी हलका आ रहा है। टंकी भरने से पहले ही पानी बंद कर दिया जाता है। शिकायत भी की पर कोई समाधान नहीं हुआ। - रितिक कुमार
समस्या काफी बढ़ गई है। जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र की महिलाएं डीएम कार्यालय और नगर निगम में बारी-बारी से धरना देंगी। - सायरा बी
गर्मी में पानी की मांग और आपूर्ति में करीब 18 लाख लीटर का अंतर है। हम विभिन्न स्रोतों से पानी की आपूर्ति का प्रयास कर रहे हैं। जनता से भी हमारी अपील है कि पानी का बचाव करें। - सौरभ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक