मीरगंज। तहसील क्षेत्र का गांव खमरिया आजमपुर की गौटिया की आबादी एक हजार से अधिक है। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं इस गांव के लोग एक अदद सड़क की राह देख रहे हैं। सड़क न होने से गांव की बेटियां पढ़ने के लिए शहर नहीं जा पातीं। इस गांव की सिर्फ दो बेटियां ही हाईस्कूल पास हैं। इस वजह से बेटियों की शादी में भी अड़चन आ रही है। रिश्ते के इंतजार में गांव के कई युवकों के सिर पर सफेदी झलकने लगी है। कोई भी इस गांव में अपनी बेटी देना नहीं चाहता। कोई बीमार हो जाए तो उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल होता है।
गांव के रामेश्वर, गनपत, शिवरतन, भगवान दास, बाबूराम, सूरज पाल, हाकिम सिंह आदि ने बताया कि सड़क के लिए वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार कर चुके हैं। तब अधिकारियों ने चुनाव के बाद सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 50 हजार रुपये जुटाकर रास्ते के लिए जमीन खरीदी है। वह इसी जमीन पर सड़क बनवाने की मांग कर रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी के सर्वेक्षण के मुताबिक जिले में इस तरह के 52 गांव हैं। इन गांवों के लिए सर्वे कराया है। ब्लाॅकवार गांवों की सूची बनाई गई है। अभियंताओं की टीम ने खर्चे का अनुमान भी लगाया है। अगर 55 करोड़ रुपये आवंटित हो जाएं तो इन गांवों को 3.75 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ दिया जाएगा।
बरेली। फरीदपुर ब्लाॅक के 11 गांवों के लोग सड़क के लिए तरस रहे हैं। भुता के नौ, भदपुरा के आठ गांव संपर्क मार्ग से वंचित हैं। मीरगंज के पांच, दमखोदा, बहेड़ी व फतेहगंज के चार-चार गांवों की जनता सड़क से वंचित है। आलमुपर जाफराबाद, नवाबगंज में एक-एक गांव के लोग संपर्क मार्ग बनने का इंतजार कर रहे हैं। ब्यूरो
इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया है। केंद्र सरकार से मंजूरी और बजट मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। - राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
जो गांव संपर्क मार्ग से नहीं जुड़े हैं, उनके लिए जल्द सड़क का निर्माण कराया जाए। अगर कोई अड़चन है तो उसे भी दूर कराएंगे। - डीसी वर्मा, विधायक, मीरगंज
जब हम लोगों ने चुनाव का बहिष्कार किया था, तब अधिकारियों ने आश्वासन दिया था, लेकिन ढाई साल बाद भी सड़क नहीं बनी। इससे युवा पीढ़ी का भविष्य खराब हो रहा है। - कमल सिंह
दूसरे गांव के लोग अपनी बेटी देने के लिए तैयार नहीं होते। हमारे गांव की बेटियां स्कूल न होने से पढ़-लिख नहीं पातीं, इसलिए उनको भी बेहतर रिश्ते नहीं मिल पाते। - सत्यपाल