बरेली। शहर का न्यूनतम पारा लुढ़कर पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अस्थायी रैन बसेरे नहीं बने हैं। व्यवस्था को ठंड लग गई है। ऐसे में बेसहारा और बेघर लोग खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं। नगर निगम के एक स्थायी रैन बसेरे को छोड़ दें तो शहर में अन्य कहीं उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर जंक्शन, पुराना व सेटेलाइट बस अड्डा आदि स्थानों पर ठिठुरन के बीच लोग रात काटते दिखे। जिला अस्पताल में स्थायी रैन बसेरा तो है, लेकिन यहां चादर, कंबल आदि का कोई इंतजाम नहीं। ऐसे में यहां तीमारदार भी ठिठुरने के लिए मजबूर हैं। नगर निगम के स्थायी रैन बसेरा में पर्याप्त जगह नहीं है। सोमवार रात यहां 12 लोग ठहरे हुए थे। रैन बसेरा में जगह न होने के कारण कई लोग नगर निगम के बाहर खुले आसमान के नीचे ठिठुरते नजर जाए। रैन बसेरा में एक खिड़की पर दरवाजा भी नहीं है। ऐसे में सर्द हवाएं यहां भी लोगों को परेशान कर रही हैं।