बरेली। इस्कॉन मंदिर की ओर से श्रीकृष्ण-बलराम की रथ यात्रा बेहद अनूठे अंदाज से निकाली गई। इसमें ‘हरे रामा, हरे कृष्णा‘ की धुन से शहर के रास्ते झंकृत हो रहे थे, तो रंग बिरंगी पोशाकों में शामिल भक्तों के साथ विदेशी श्रद्धालुओं की मौजूदगी आकर्षण का केंद्र रही।
यात्रा का शुभारंभ महाआरती के साथ आनंद आश्रम से किया। रथ को-कृष्ण बलरामपुरी, ओड़िशा मॉडल पर बहुत सजावट से तैयार किया गया था। इस रथ पर श्रीकृष्ण और बलराम विराजमान थे, जिसे भक्तगण रस्सा खींचकर नगर में भ्रमण करवाते रहे। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। कई जगह पुष्प वर्षा के साथ जलपान की भी व्यवस्था की गई।
इस मौके पर गिरधर गोपाल खंडेलवाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और बलराम रथयात्रा एक ऐसा पर्व है, जिसमें भगवान भक्तों के बीच आते हैं और उनके सुख-दुख के सहभागी होते हैं। बरेली इस्कॉन के प्रबंधक भीम अर्जुन दास ने बताया कि बरेली शहर में भगवान श्रीकृष्ण के भक्त ज्यादा हैं इसी उद्देश्य से खंडेलवाल काॅलेज के संस्थापक एवं चेयरमैन गिरधर गोपाल खंडेलवाल ने बरेली में इस्कॉन मंदिर बनाने के लिए जगह दान में दी है। मंदिर का निर्माण इस्कॉन संस्था कराएगी। यात्रा में महापौर उमेश गौतम, विधायक संजीव अग्रवाल, अशोक गोयल, अनिल अग्रवाल, सौरव मेहरोत्रा, पंकज अग्रवाल, अनुपम कपूर, अभय जसोरिया व बरेली इस्कॉन के उज्जवल सुंदर दास, डॉ. त्रिवेणी दत्त आदि मौजूद रहे।
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छप्पन भोग रहा आकर्षण का केंद्र
बरेली। शोभायात्रा के दौरान मुख्य आकर्षण का केंद्र रास्ते में दो जगह क्रेन से भगवान को लगाया गया 56 भोग कार्यक्रम रहा। इसमें पटेल चौक और नावल्टी चौक के बीच क्रेन के जरिए श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाया गया, जबकि कालीबाड़ी स्थित काली मंदिर के पास छप्पन भोग को अलग-अलग थालों में सजाकर उसे भी क्रेन के माध्यम से प्रभु को समर्पित किया गया।