बरेली। पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। लगातार कार्रवाई के बाद भी मामलों में कमी नहीं आ रही है। सिपाही-दरोगा से लेकर अधिकारी तक पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों से खाकी की छवि लगातार धूमिल हो रही है। हालिया मामला, सीओ दीपशिखा से जुड़ा है। दो लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में अब एसएसपी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। उन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। ब्यूरो
शासन को भेजी सीओ दीपशिखा की रिपोर्ट
फोटो- दीपशिखा
दो लाख रुपये न मिलने पर भट्ठे से जब्त की थी ट्रैक्टर-टॉली और जेसीबी
नए एसएसपी ने किया था मुख्यालय से संबद्ध, अब विभागीय कार्रवाई तय
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। सीओ दीपशिखा से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब शासन स्तर से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुछ समय पहले तक दीपशिखा अहिवरन सिंह मीरगंज की सीओ थीं। इससे पहले वह आंवला में सीओ के पद पर रहीं। जनता से अभद्र व्यवहार, कनिष्ठ कर्मचारियों को बेवजह हड़काने के लिए वह चर्चित रहीं। इस बीच वह घूसखोरी के आरोपों से घिर गईं। उन्होंने तिलमास गांव निवासी रिफाकत अली के ईंट भट्ठे पर जाकर उनसे अभद्रता की थी। आरोप है कि दो लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। रुपये न देने पर उनकी जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राॅली को खनन करता दिखाकर सीज कर दिया था। रिफाकत की शिकायत पर तत्कालीन एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक से सीओ की भूमिका की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में वह दोषी पाई गईं।
नवागत एसएसपी अनुराग आर्य ने एसपी दक्षिणी की रिपोर्ट मिलने के बाद सीओ दीपशिखा को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। साथ ही, समीक्षा के लिए जांच रिपोर्ट एसपी सिटी राहुल भाटी को सौंपी गई। विभागीय जांच पूरी होने के बाद एसपी सिटी ने यह रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। एसएसपी अनुराग आर्य ने एसपी सिटी की यह रिपोर्ट संस्तुति के बाद शासन को भेज दी है। माना जा रहा है कि शासन स्तर से इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
सीओ लाइन पर भी लगे भ्रष्टाचार के आरोप, कार्रवाई अटकी
सीओ लाइन प्रियतोष त्रिपाठी पर पुलिस लाइन के स्टोर इंचार्ज मुख्य आरक्षी ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। दीवान धर्मेंद्र के मुताबिक सीओ ने सरकारी आवास में एसी लगवाया था। फ्रीज और डिश का कनेक्शन लिया था, लेकिन कोई भुगतान नहीं किया। वह इसे एडजेस्ट करने की बात कह रहे थे। बाद में सीओ उससे 46 हजार रुपये का होम थियेटर मांग रहे थे। मना करने पर सीओ ने उसे जिम्मेदारी से हटा दिया था। शिकायत करने व सोशल मीडिया पर शिकायत का पत्र वायरल होने पर तत्कालीन एसएसपी ने दीवान धर्मेंद्र को अनुशासनहीनता में निलंबित कर दिया था, लेकिन सीओ पर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। एसपी दक्षिणी मामले की जांच कर रहे हैं। अभी तक सीओ प्रियतोष त्रिपाठी ने अपने बयान तक दर्ज नहीं कराए हैं।
घूस लेते पकड़े गए कई पुलिसकर्मी
प्रेमनगर थाने में तैनात दरोगा रामऔतार ने धोखाधड़ी के एक मुकदमे के आरोपियों के नाम निकालने के बदले पांच लाख रुपये मांगे थे। पीड़ित ने विजिलेंस से शिकायत की तो रामऔतार को नरियावल स्थित उसके कमरे से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। कुछ दिन पहले ही सुभाषनगर थाने की करगैना चौकी के इंचार्ज धर्मेंद्र देशवाल को एंटी करप्शन की टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। सीबीगंज थाने के दरोगा रत्नेश और सिपाही पंकज भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित हुए थे। कार में रिश्वत लेते हुए धौराटांडा चौकी इंचार्ज संजीव यादव का वीडियो वायरल होने पर एसएसपी ने उसको निलंबित कर दिया था। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर पीड़ित की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वर्जन
सीओ दीपशिखा से संबंधित रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। निलंबन के साथ ही गंभीर मामलों में एफआईआर भी कराई जा रही है। - अनुराग आर्य, एसएसपी