फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खत्म की जाए सऊदी हुकूमत की बादशाहत

Sat, 24 Sep 2016 12:48 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
विज्ञापन
विज्ञापन
सऊदिया अरबिया के स्थापना दिवस का भारतीय उलमा ने वहां की बादशाहत पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि वहां लोकतंत्र की स्थापना हो। स्वालेह नगर स्थित इमाम अहमद रजा एकेडमी पर उलमा ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। रजा एकेडमी मुंबई के चेयरमैन मौलाना सईद नूरी ने बताया कि 1924 में मक्का और मदीना शरीफ में नज्द स्थान के रहने वाले इब्ने सऊद ने गासिबाना कब्जा किया था। इसके बाद अपने विचारों को बढ़ाया। उन्हीं विचारों के तहत पैगंबरे इस्लाम के साथियों और परिवार वालों के मजारों को शहीद कर दिया था। इस मामले में खिलाफत कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल अरब पहुंचा और इब्ने सऊद से भेंट कर रोष जताया। इस पर इब्ने सऊद ने वादा किया कि मक्का और मदीना शरीफ को हम हिजाज के लोगों को हवाले कर देंगे, मगर आज तक आले सऊद ने अपने वादे को पूरा नहीं किया। मौलाना शहाबउद्दीन रजवी ने एक बार से ज्यादा हज व उमरा करने वालों पर सऊदी हुकूमत द्वारा दो हजार रियाल का टैक्स लागू करने का विरोध किया है। बैठक में मौलाना हनीफ खां रजवी, मौलाना डा. एजाज अंजुम, हाजी इकरार नूरी, हाजी नाजिम बेग, मौलाना उवैस कादरी, तसलीम रजा खां, समीन उद्दीन सहित कई आलिमों व बुद्धिजीवियों की भागीदारी रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें