कक्षा एक से आठ तक के स्कूल बंद करने के सरकार के फैसले को मम्मियों ने सही ठहराया
बरेली। बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर उप्र सरकार ने कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी और गैरसरकारी स्कूल 11 अप्रैल तक बंद करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए पूर्व में जारी किए गए निर्देश यथावत रहेंगे। दरअसल, 11 अप्रैल से 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं शुरू होनी हैं। सरकार के इस फैसले को मम्मियों ने सही ठहराया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण फिर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहेगी। बच्चे कोविड नियमों का पालन भी नहीं कर पाएंगे। ऐसे में एक से आठवीं तक के स्कूल बंद रहें, ये ही अच्छा है।
फैसला तो ठीक मगर सख्ती भी करे शासन
कोरोना के मामले जिस तरह से बढ़ रहे है। उस देखते हुए यह फैसला एकदम ठीक है। छोटे बच्चों को कोविड के नियमों की उतनी जानकारी नहीं है। वह कक्षाओं में जाकर आपस में घुलमिल भी जाते हैं। ऐसे में उन्हें संक्रमण का खतरा भी अधिक रहेगा। शासन को भी अब कोविड के नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहिए। जिससे संक्रमण की बढ़ती दर को रोका जा सके। - साक्षी शर्मा
स्थिति नियंत्रण होने तक करें इंतजार
होली से पहले तक तो शहर में कोरोना के केस बहुत कम थे, बल्कि बीच में कुछ दिनों तक एक भी केस नहीं आ रहा था लेकिन अब केस बहुत बढ़ गए हैं। जाहिर सी बात है कि ऐसे में बच्चे स्कूल गए तो उन्हें कोरोना होने का खतरा सबसे अधिक है। ऐसे में फिलहाल स्थिति नियंत्रण होने तक स्कूलों को बंद रखा जाए। खासकर छोटे बच्चों की कक्षाएं न चलें। - डॉ. कविता अरोरा
कोविड नियमों का कराया जाए पालन
सरकार ने सही फैसला लिया है। वर्तमान परिस्थितियां बच्चों के लिए बिल्कुल अनुकूल नहीं है। बच्चे बाहर निकले तो कोरोना फैलने का सबसे अधिक खतरा उन्हें रहेगा। ऐसे में सख्ती करके लोगों से कोविड नियमों का पालन कराया जाए। जिससे संक्रमण दर को बढ़ने से रोका जा सके। क्योंकि पूरे साल फिर स्कूल बंद रहें, यह भी ठीक नहीं है। - अनुश्री अग्रवाल
फिलहाल आनलाइन क्लास ही सही
मौजूदा परिस्थितियों की ओर देखें तो आनलाइन क्लास ही अभी ठीक रहेगी। बच्चे अभी स्कूल जाने की स्थिति में नहीं है। कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। बाजारों में भीड़ हो रही है। अधिकांश लोग तो मास्क लगाए ही नहीं दिखते हैं। बच्चों में कोरोना संक्रमण फैला तो दिक्कतें बढ़ जाएगी। हजारों की तादात में बच्चे रोजाना स्कूल जाते हैं। - जूही महल