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Bareilly Murder Case: अजय वाल्मीकि के दो गोलियां हो गई थीं शरीर के पार, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा

Mon, 17 Jul 2023 01:40 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

प्रेमनगर थाने के पास बारादरी थाना क्षेत्र में शनिवार रात अजय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने चलती बाइक से उसे गोलियां मारी थीं। रविवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। 
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अजय वाल्मीकि का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में नरकुलागंज निवासी हिस्ट्रीशीटर अजय वाल्मीकि की हत्या के दूसरे दिन रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। दो गोलियां सिर व गले के पार हो गई थीं। परिजनों ने त्रिमूर्ति चौराहे पर शव रखकर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर उनको मना लिया। कड़ी सुरक्षा के बीच अंत्येष्टि की गई। परिजनों का कहना है कि आरोपियों को फांसी की सजा होने पर ही उनको सुकून मिलेगा। 

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प्रेमनगर थाने के पास बारादरी थाना क्षेत्र में शनिवार रात अजय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी विनय मौके से ही पकड़ा गया था, बाकी आरोपी फरार हो गए थे। अजय के पिता दयाराम वाल्मीकि ने पांच लोगों पर रिपोर्ट कराई है। इनमें गंगापुर निवासी राहुल, विनय, नितिन, जगमोहन उर्फ तन्नू और भगवान स्वरूप उर्फ लाले शामिल हैं। हत्या और साजिश रचने की धाराओं के साथ एससीएसटी एक्ट भी लगाया गया है। पुलिस ने विनय के साथ राहुल को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

तन्नू और लाले को बताया सट्टा किंगः अजय के पिता दयाराम ने बताया कि तन्नू और भगवान स्वरूप लाले सट्टा किंग हैं। इन्हीं दोनों ने हत्या की साजिश रची। इनके कहने पर प्रेमनगर थाने से कुछ दूरी पर गंगापुर निवासी राहुल, विनय राजपूत और नितिन ने अजय व उसके दोस्त लकी को घेर लिया था। जातिसूचक गालियां देते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे अजय की मौत हो गई थी।

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25 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

पूर्व मंत्री सपा नेता जुगल किशोर वाल्मीकि ने रविवार को अजय के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने फोन पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी से वार्ता कर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। 

कई साल बाद शहर में गैंगवार जैसे हालात

अजय हिस्ट्रीशीटर था तो आरोपी भी शरीफ नहीं हैं। विनय के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। लाले व तन्नू भी अजय के खिलाफ लूट व रंगदारी की रिपोर्ट करा चुके थे। अब गैंगवार आगे बढ़ाते हुए जेल से रिहा हुए अजय की जगमोहन ने हत्या करा दी। इससे पहले टेंपो स्टैंड को लेकर इज्जतनगर क्षेत्र में गैंगवार होती थी, लेकिन तीन साल से मामला शांत था। अब फिर इसकी आशंका बढ़ रही है।

परिजन बोले- अफसर सुनते तो बच जाती जान 

सूत्रों के मुताबिक ऑनलाइन सट्टे का काम करने के कारण तन्नू व लाले की दो थानों की पुलिस से अच्छी सेटिंग है। इसलिए धंधे में रोड़ा बन रहे अजय को जगमोहन ने निपटा दिया। अजय की मां और परिजन एक अधिकारी की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वह बता रहे हैं कि अजय और उसकी मां रामा देवी जान का खतरा बताकर लगातार शिकायतें करते रहे पर सुनवाई नहीं हो रही थी। अगर सुनवाई होती तो अजय की जान बच सकती थी।
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