25 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
पूर्व मंत्री सपा नेता जुगल किशोर वाल्मीकि ने रविवार को अजय के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने फोन पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी से वार्ता कर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई।
कई साल बाद शहर में गैंगवार जैसे हालात
अजय हिस्ट्रीशीटर था तो आरोपी भी शरीफ नहीं हैं। विनय के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। लाले व तन्नू भी अजय के खिलाफ लूट व रंगदारी की रिपोर्ट करा चुके थे। अब गैंगवार आगे बढ़ाते हुए जेल से रिहा हुए अजय की जगमोहन ने हत्या करा दी। इससे पहले टेंपो स्टैंड को लेकर इज्जतनगर क्षेत्र में गैंगवार होती थी, लेकिन तीन साल से मामला शांत था। अब फिर इसकी आशंका बढ़ रही है।
परिजन बोले- अफसर सुनते तो बच जाती जान
सूत्रों के मुताबिक ऑनलाइन सट्टे का काम करने के कारण तन्नू व लाले की दो थानों की पुलिस से अच्छी सेटिंग है। इसलिए धंधे में रोड़ा बन रहे अजय को जगमोहन ने निपटा दिया। अजय की मां और परिजन एक अधिकारी की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वह बता रहे हैं कि अजय और उसकी मां रामा देवी जान का खतरा बताकर लगातार शिकायतें करते रहे पर सुनवाई नहीं हो रही थी। अगर सुनवाई होती तो अजय की जान बच सकती थी।