बरेली। नींद महज सोना भर नहीं बल्कि स्वास्थ्य और कार्यशैली को बेहतर बनाने का जरिया भी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अनिद्रा की चपेट में आ रहे हैं। मानसिक तनाव और स्मार्टफोन पर लंबे समय तक आंखें गड़ाए रखना, इसका मुख्य कारण है। स्थिति यह है कि मनकक्ष ओपीडी में बीते वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष करीब 20 फीसदी मामले बढ़ गए हैं।
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष के मुताबिक अब लोग बिस्तर पर भले ही समय से लेट रहे हैं, मगर अच्छी नींद तक पहुंचने में वक्त लग रहा है। काफी देर तक स्मार्टफोन देखते रहने से आंखें भारी होने पर लोग सोते हैं, जो दिमाग की नसों की सक्रियता को प्रभावित करता है। सुबह जागने पर भी लंबे समय तक आंखों में नींद नहीं बल्कि भारीपन रहता है। दिन में भी स्फूर्ति नहीं रहती है। यह अनिद्रा का शुरुआती लक्षण है, जो पहले 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में नजर आता था। अब 30 वर्ष के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
बताया कि काउंसलिंग के दौरान ज्यादातर लोग महज दो से तीन घंटे ही अच्छी यानी गहरी नींद की बात कहते हैं। वहीं जो लोग नींद की गोलियों का सेवन करते हैं, वे भी लंबे समय बाद दवा का असर कम होने का दावा कर डोज बढ़ाने का दबाव बनाते हैं, जो मुमकिन नहीं।
काम का दबाव, परिवार की चिंता ज्यादा
डॉ. आशीष के मुताबिक अनिद्रा की चपेट में वे ज्यादा हैं, जिन्हें परिवार की चिंता है या काम का दबाव है। ऐसे लोग मनोरोगी नहीं होते पर परिस्थितियों से तालमेल बिठा पाने की क्षमता अच्छी नींद न मिलने से कम होती जाती है। कहा कि, काम को कार्यालय में छोड़कर घर जाने और परिवार के साथ अच्छा वक्त बिताने से इस समस्या से बचा जा सकता है। कहा, हृदय विदारक घटना या बेहद खुशी की अवस्था में भी नींद नहीं आती।
नींद पूरी न होने की सामान्य वजहें
- प्रतिदिन सोने का समय बदलना।
- शयनकक्ष में शोर या तेज रोशनी होना।
- स्मार्टफोन को लंबे समय तक देखना।
- धूम्रपान या कैफीन का ज्यादा सेवन।
- मोटापा, मधुमेह, ह्दय रोग, तनाव होना।
अनिद्रा के शुरुआती लक्षण
- दिन में थकान या नींद महसूस होना।
- सोते वक्त बार-बार जागना, नींद आने में परेशानी।
- ज्यादा देर तक जागना, सुबह जल्दी उठ जाना।
- किसी दवा के साइड इफेक्ट या शारीरिक समस्या।
- पौष्टिक आहार की कमी, फास्ट फूड ज्यादा खाना।
अच्छी नींद के उपाय
- तनाव से राहत के लिए कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी।
- सोने से पहले ज्यादा भोजन का सेवन न करें।
- सोने, जागने का निश्चित समय निर्धारित करना।
- सोने से पहले शहद, गुनगुना दूध, स्टीम लें।
- सोने से घंटे भर पहले मोबाइल का प्रयोग न करें।