बरेली। अनुसूचित जाति की युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी मुस्लिम युवती ने गिरोह की सरगना युवती का नाम स्वीकारा है। उसके इशारे पर युवतियों को समुदाय विशेष के युवकों से मिलवाया जाता था। युवती बाद में ब्लैकमेल कर रुपये वसूलती थी। किसी को उस पर शक न हो, इसके लिए वह डीडीपुरम में कैफे चलाती है। जांच में यह बात भी सामने आई कि सरगना युवती ने वसूली गैंग बना रखा है।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने गिरफ्तार युवती शिफत अंसारी, शोएब और नदीम को जेल भेज दिया। प्रेमनगर निवासी अनुसूचित जाति की युवती से शोएब और नदीम ने सेटेलाइट बस अड्डे के पास स्थित एक होटल में दुष्कर्म किया था। अनुसूचित जाति की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पूछताछ में आरोपी मुस्लिम युवती ने गिरोह की सरगना युवती का नाम पुलिस को बताया है। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सीओ आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि पूछताछ में एक और युवती का नाम सामने आया है। उसकी तलाश की जा रही है। संवाद
एअरपोर्ट पर जांच में युवक के बैग में मिले कारतूस
बरेली। एअरपोर्ट से शुक्रवार को बंगलूरू जा रहे युवक के बैग में कारतूस मिलने से हड़कंप मच गया। एअरपोर्ट प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में पता चला कि युवक के चाचा निशानेबाज हैं। जल्दबाजी में चाचा का बैग लेकर रवाना हुआ था। जानकारी की पुष्टि के बाद एअरपोर्ट प्रशासन ने कारतूस जमा कराकर युवक को बंगलूरू जाने की अनुमति दे दी। इंस्पेक्टर इज्जतनगर अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एअरपोर्ट अथॉरिटी की सूचना पर जांच के लिए पहुंचे थे। एअरपोर्ट अथॉरिटी ने जांच के बाद युवक को जाने की अनुमति दे दी। कारतूस युवक के परिजन के थे। कोई तहरीर नहीं दी गई है। ब्यूरो