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Bareilly News: सर्वे और प्रस्ताव से आगे नहीं बढ़ रही बात, झेलते रहिए जलभरा

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जल निकासी के लिए तैयार 56 करोड़ रुपये की योजना के लिए शासन से नहीं मिला बजट, अब समेकित योजना पर सर्वे शुरू
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बरेली। स्मार्ट सिटी में जलभराव की समस्या नासूर बनी हुई है। योजनाएं बनाई जाती हैं, पर वे सर्वे और प्रस्ताव से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। एक बार फिर जल निकासी के लिए 56 करोड़ रुपये की योजना दम तोड़ गई। शासन ने बजट ही नहीं दिया। अब शासन ने शहरी क्षेत्रों में जलभराव को आपदा मानते हुए समेकित जलनिकासी योजना शुरू की है। इसके तहत सर्वे शुरू हुआ है। इस पर अमल होने में एक साल तक का समय लग सकता है। तब तक शहरवासियों को जलभराव से जूझना पड़ेगा।

शहर के 80 वार्डों में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं। आधे से अधिक वार्डों में लोग जलभराव से जूझते रहते हैं। नगर निगम बोर्ड की हर बैठक में पार्षद इस मुद्दे को उठाते हैं। हाल में ही हुई संवाद-समाधान बैठक में पार्षदों ने इस मुद्दे को उठाया था। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि शासन को योजना भेजी गई थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। अब समेकित जलनिकासी योजना के लिए सर्वे शुरू किया गया है। इसके बाद बजट मिलने की उम्मीद है।
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ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर बनाई गई है योजना
ग्रेटर नोएडा और नोएडा की तर्ज पर बरेली के लिए समेकित जलनिकासी योजना बनाई गई है। एनसीपीई इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को शासन ने सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। हैदराबाद की इस फर्म ने सेटेलाइट के जरिये सर्वे शुरू कर दिया है। नालों की जीआईएस मैपिंग हो रही है। इसके बाद जमीनी स्तर पर नाले-नालियों का सर्वे होगा। नाले-नालियों का स्वरूप भी सर्वे के बाद ही तय हो सकेगा। नए और पुराने नालों के ढाल में संबंधी निर्णय भी लिए जा सकेंगे। कहां संपवेल की जरूरत है और कहां पंप की, यह भी सर्वे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सर्वे एक साल में पूरा होगा, लेकिन अगर दो-तीन माह में कुछ हिस्सों की रिपोर्ट आ जाती है तो वहां चरणबद्ध तरीके से काम कराया जा सकता है। पर्यावरण अभियंता का कहना है कि इस बीच जहां जलनिकासी में दिक्कत होगी, नगर निगम टीम भेजकर उसे दूर कराया जाएगा।



अभी ये है हाल
- वार्ड संख्या सात सुभाषनगर में अनुपमनगर की हालत खराब है। त्रिमूर्ति बरातघर के सामने सुभाषनगर नाले से होते हुए बदायूं रोड को जोड़ने वाले मार्ग पर बिना बारिश के ही पानी भरा है। यही मार्ग गली नंबर दस की ओर जाता है। बरसात में पानी लोगों के घरों में घुस जाता है।
- आकांक्षा होम्स कॉलोनी का मुख्य मार्ग खराब है। बड़ी विहार में नहर वाली सड़क पर जरा सी बारिश में जलभराव हो जाता है। रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारी एक साल से सड़क और नाले के निर्माण के लिए प्रयास कर रहे हैं, पर अब तक कोई काम नहीं हुआ।
आश्वासन से आगे नहीं बढ़ रही बात
मैं महापौर से मिली थी, तब उन्होंने सड़क-नाली पास होने की जानकारी देते हुए जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही थी। टीम भी आई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। दो-ढाई साल से 100 परिवार परेशान हो रहे हैं। - अनीता मगन, आकांक्षा होम्स कॉलोनी
जब बारिश होती है तो मोहल्ले के बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो जाता है। जलनिकासी का इंतजाम न होने से कॉलोनी के लोग परेशान हो रहे हैं, जिम्मेदार फिर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। आखिर कब तक सहन करें। - नेहा सैनी, आकांक्षा होम्स कॉलोनी
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जलभराव से राहत देने के लिए योजना आई है। उसी के अंतर्गत जल निगम की कंस्ट्रक्शन डिवीजन सर्वे कर रही रही है। जल्द ही इसको मंजूरी मिलेंगी और काम भी होंगे। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
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