बरेली में ढाई सौ साल पुरानी परंपरा आज भी बदस्तूर जारी है। हजरत गौस पाक के नाम से होने वाले इस जश्न का नजारा इस बार भी यादगार रहा। हर मजहब व मिल्लत के लोग इसमें शामिल हुए। इससे पहले सज्जादानशीन शाह मेहंदी मियां ने चिराग रोशन किया।
खानकाह में चिराग जलाते अकीदतमंद
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इसके बाद चिराग बांटने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा। कव्वाली के बाद देर रात हजरत गौसुल आजम गौस पाक व हजरत महबूब-ए-इलाही निजामुद्दीन औलिया के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। साहिबे सज्जादा ने मुल्क की तरक्की के लिए दुआ की।
खानकाह में उमड़े अकीदतमंद
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आयोजन प्रबंधक जुनैदी मियां नियाजी की देखरेख में संपन्न हुआ। उनके सचिव मौलाना कासिम का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर मेडिकल कैंप पर बीमारों का उपचार भी चलता रहा। वहीं, माइक पर मनकबत पढ़ी जाती रहीं। जश्न-ए-चिरागां में सपा नेता इंजीनियर अनीस अहमद, मोहम्मद कलीम उद्दीन, मयंक शुक्ला आदि ने भी हाजिरी दी।