बरेली। हनीट्रैप का आरोप लगाकर लिखाई गई एक रिपोर्ट के मामले में विवेचक ने खेल कर दिया। दरअसल रिपोर्ट लिखाने के बाद वादी की मौत हो गई। विवेचक ने कोर्ट में अर्जी देकर अभियुक्ता की रिमांड आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मांगी लेकिन कोर्ट ने इस खेल को पकड़ लिया। आरोपी की रिमांड हत्या के अलावा आईटी एक्ट की धाराओं में मंजूर की। मामला एसीजेएम रवि दिवाकर की कोर्ट का है।
सुभाषनगर के रहने वाले वादी डाॅ. अमरेंद्र सिंह चौहान ने एसएसपी से शिकायत की थी कि 16 अक्तूबर 2022 को एक अंजान महिला उसके क्लीनिक आई। अपना नाम प्रिया गंगवार बताया और नौकरी पर रखने की बात कही। कुछ दिन बाद यही महिला ने फोन किया कि उसकी मां बीमार हैं देखने घर आ जाएं। वादी ने मना किया लेकिन उसने रोते हुए मां की जिंदगी का हवाला दिया। वादी के पहुंचने पर महिला उसे कमरे
में ले गई और अश्लील हरकतें करने लगी। कुछ देर बाद एक महिला और दो लड़के वहां आ गए। उन्होंने वादी का एटीएम समेत अन्य कागजात ले लिए। एटीएम का पिन पूछकर उससे 50 हजार रुपये निकलवा लिए। बाद में क्लीनिक पर आकर धमकाने लगे। एसएसपी के निर्देश पर धोखाधड़ी और फिरौती मांगने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के दौरान अज्ञात अभियुक्त के रूप में थाना बिसौली जिला बदायूं की हिमानी शर्मा का नाम सामने आया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मामले के कुछ दिन बाद वादी की मौत हो गई।
विवेचक ने अभियुक्ता पर धोखाधडी व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी दी। कोर्ट ने इसे विवेचक की घोर लापरवाही मानते हुए आईटी एक्ट और हत्या की धारा बढ़ाने के लिए एसएसपी को पत्र भेजने का आदेश दिया।