बरेली। चुनाव से पहले सेंट्रल जेल में बंद चर्चित बदमाशों के फोटो और वीडियो वायरल होने के दोनों मामलों को निपटाने की तैयारी है। बंदी समीर उर्फ राका से जुड़े मामले को पुलिस आधारहीन मान रही है। वहीं, आसिफ के मामले में भी जेल प्रशासन को क्लीनचिट देने की तैयारी है। जेल प्रशासन शुरू से ही मामले पर पर्दा डाल रहा था। अब पुलिस भी सुराग नहीं मिलने का बहाना बना रही है।
जेल में बंद मेरठ के शूटर आसिफ ने अंदर से ही इंस्टाग्राम पर लाइव चैट की थी। वहीं, जेल से जमानत पर बाहर आए गोंडा के बदमाश समीर उर्फ राका ने बैरक के फोटो वायरल कर दिए थे। दोनों ही मामलों में बदमाशों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में कारागार अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया था। विवेचना रफ्तार पकड़ती, इससे पहले पुलिस लोकसभा चुनाव में व्यस्त हो गई। इसके बाद इज्जतनगर इलाके में हुए गोलीकांड की वजह से पुलिस ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
सात मार्च को मेरठ के शूटर आसिफ को शाहजहांपुर पेशी पर ले जाया गया था। उसी दिन शाम को आसिफ जेल वापस आ गया था। इसके कुछ दिन बाद आसिफ ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर सनसनी फैला दी थी। इसमें पीछे की ओर जेल की दीवार दिख रही थी। फौरी तौर पर तीन वार्डर निलंबित कर डिप्टी जेलर को हटा दिया गया था। पुलिस की विवेचना के आधार पर अन्य जेलकर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही थी। बैरियर वन चौकी प्रभारी सुनील कुमार मामले की विवेचना कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक उनकी जांच में जेल में आसिफ के पास मोबाइल फोन होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। जेल प्रशासन ने भी लिखकर दे दिया है कि जेल में बंदियों की तलाशी ली गई पर मोबाइल फोन किसी के पास नहीं मिला।
समीर उर्फ राका की 11 मार्च को जमानत हुई थी। उसने जेल के अंदर खिंचवाए गए फोटो 13 मार्च को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वायरल कर दिया था। जेल के अंदर खिंचवाए गए फोटो में टीवी के रिमोट भी देखे गए थे। इस मामले में भी इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट कराई गई है। उस वक्त जेल अधीक्षक ने कहा था कि विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी। वहीं, विवेचक सुनील कुमार के मुताबिक जेल में किसी मोबाइल फोन के इस्तेमाल का साक्ष्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इस मामले में चार्जशीट लगाने का आधार ही नहीं है। हालांकि, विवेचना अभी जारी है।
सेंट्रल जेल में अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव और उसके गुर्गे भी बंद हैं। शूटर आसिफ और राका को जेल में सुविधाएं मिलने का मामला फोटो-वीडियो के जरिये सामने आ चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जेल में बंद शूटरों को सुविधाएं मिल सकती हैं तो अंडरवर्ल्ड डॉन और अन्य बड़े अपराधियों को सहूलियत कैसे नहीं मिल रही होगी?
सेंट्रल जेल में बंद आरोपियों के फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद वह एफएसएल और तकनीकी परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। अभी इनकी पूरी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आसिफ और समीर के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना आगे बढ़ेगी। - अनीता चौहान, सीओ तृतीय
आसिफ और समीर के फोटो व वीडियो को लेकर इज्जतनगर थाने में दो रिपोर्ट दर्ज हैं। हम पुलिस की विवेचना के नतीजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसी आधार पर हम अपने यहां विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगे। - अविनाश गौतम, वरिष्ठ अधीक्षक, सेंट्रल जेल