बरेली/सेंथल। दूसरों के दिलों को धड़कन देने वाले डॉ. सरकार हैदर (56) का सोमवार को हृदयाघात से निधन हो गया। शाम को सेंथल कब्रिस्तान में जनाजे को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। डॉ. हैदर ने ही जिले में पहली बार हृदय रोगी को पेसमेकर लगाया था।
जानकारी के अनुसार रविवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से सेंथल निवासी डॉ. सरकार हैदर की हालत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां करीब डेढ़ घंटे तक उनका इलाज चला। तड़के चार बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके शव को सेंथल आवास पर लाया गया। सूचना पर तमाम लोग पहुंचे। शाम पांच बजे सेंथल कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। डॉक्टर और तमाम क्षेत्रवासी जनाजे में शामिल हुए। निधन की खबर सुन भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जफर इकबाल भी उनके आवास पर पहुंचे। डॉ. हैदर की पत्नी डॉ. शगुफ्ता यासमीन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीस बेग ने बताया कि डॉ. हैदर ने ईरान, सऊदी में भी सेवाएं दी थीं। एमडी में गोल्ड मेडलिस्ट थे। बरेली में उन्होंने पीलीभीत बाइपास रोड पर हैदर अस्पताल खोला था। जिले में पहली बार उन्होंने ही हृदय रोगी को पेसमेकर लगाया था। उनकी दो बेटियों में एक डॉक्टर, दूसरी एमबीए है। बेटा दुबई में है।
सेहत के प्रति ढिलाई पड़ी भारीकार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निशांत गुप्ता ने बताया कि डॉ. हैदर को हार्ट की दिक्कत पहले से थी। इसे लेकर कई बार उन्हें जांच कराने के लिए भी कहा था, पर वे इसके प्रति गंभीर नहीं थे। जब वे भर्ती हुए तो मैंने उन्हें देखा। बचाने की कोशिश की पर हालत इस कदर बिगड़ गई थी कि रिकवरी नहीं हो सकी। उनका कोलेस्ट्रॉल काफी बढ़ा था। धूम्रपान करते थे। डायबिटिक भी थे। रोग के खतरों की जानकारी होने के बावजूद अनदेखी कर रहे थे।