बरेली। बरेली कॉलेज में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के निदेशक की नियुक्ति निरस्त किए जाने के मामले में राज्यपाल ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति से जवाब-तलब किया है। पिछले माह विवि की जांच समिति ने कॉलेज में निदेशक की नियुक्ति को अवैधानिक और नियम विरुद्ध करार दिया था। साथ ही नियुक्ति को निरस्त कर दिया था।
इस मामले में बरेली कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव ने राजभवन में शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कॉलेज में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के निदेशक पद पर की गई प्रो.अनुराग मोहन की नियुक्ति को विवि ने गलत ढंग से निरस्त कर दिया है। उन्होंने इस निरस्तीकरण आदेश को पूरी तरह नियम विरुद्ध और एकपक्षीय बताया है। कहा है कि ये प्रबंध समिति के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप है, इसलिए इसे निरस्त किया जाए। इसी शिकायत पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से विशेष कार्याधिकारी डॉ.पंकज एल जानी ने कुलपति से निदेशक नियुक्ति निरस्तीकरण मामले में जवाब-तलब करते हुए आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।
प्राचार्य की शिकायत पर हुई थी जांच
बरेली कॉलेज में बीती 21 मई को स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों का निदेशक रसायन विज्ञान विभाग के प्रो.अनुराग मोहन को नियुक्त किया गया था। प्राचार्य प्रो.ओपी राय ने इसे नियम विरुद्ध बताकर 24 मई को कुलपति प्रो.केपी सिंह को पत्र लिखा था। इस पर 26 अगस्त को विवि ने तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। मामले में 30 दिसंबर को जांच रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें विवि की जांच समिति ने स्ववित्तपोषित कोर्स के लिए अलग से निदेशक बनाए जाने को अवैधानिक और नियम विरुद्ध माना। निदेशक की नियुक्ति भी निरस्त कर दी गई थी। साथ ही 20 फरवरी को कुलपति ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष को निदेशक को हटाने के लिए पत्र लिखा था।
वर्जन...
कुलाधिपति की ओर से लगातार विश्वविद्यालय के मामलों पर गंभीरता से नजर रखी जाती है। इसी क्रम में निदेशक नियुक्ति निरस्तीकरण प्रकरण को लेकर भी जानकारी मांगी गई है।
प्रो. केपी सिंह, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय