नवाबगंज। पूर्व पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर समेत पालिका से जुड़े 14 लोगों पर 47.11 करोड़ के घोटाले के मामले में अब शासन स्तर से भी जांच शुरू हो गई है। डीएम को पत्र भेजकर घोटाले से जुड़ीं पत्रावलियों की जानकारी तलब की गई है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर समेत 14 लोगों पर 20 मार्च को उपनिरीक्षक सत्यपाल गौड़ ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के लखनऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें पूर्व पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर, पूर्व अधिशासी अधिकारी हीरालाल, हरिलाल, नरेंद्र कुमार जौहरी, राजेश कुमार सक्सेना, विजय कुमार पालिका के लिपिक सुरेशपाल, रघुवर सिंह यादव, कैलाश चंद्र यादव, अमर सिंह, सेवानिवृत कर्मी रविंद्र कुमार शुक्ला, पालिका के ठेकेदार मोहम्मद अफजाल, मोहम्मद आरिफ, सलीम हैदर, वकील खां, शिवकुमार के नाम शामिल हैं।
नगर पालिका के कर्मियों में हलचल
शासन से हुई शिकायत पर पूर्व पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के 2012 से 2017 तक के कार्यकाल की जांच हुई है। इसमें 47.11 करोड़ रुपये के गबन और धोखाधड़ी के मामले सामने आए। शासन से एक पत्र नगर पालिका को भी भेजा गया है, जिससे कर्मियों में हलचल है। मामले में पालिका की वर्तमान अधिशासी अधिकारी को लखनऊ बुलाया जा चुका है। बताया जाता है कि अब प्रदेश सरकार के उपसचिव सजीवन ने डीएम रविंद्र कुमार को पत्र भेजकर प्रकरण से जुड़ी पत्रावलियां और अधिकारियों की जानकारी तलब की है।
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पत्र प्राप्त हुआ है, पर इसमें कार्रवाई संबंधी दिशानिर्देश नहीं हैं। क्योंकि ईओडब्ल्यू ने तीन माह का समय मांग लिया था। शासन से जो भी आदेश होगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा। - दिनेश, एडीएम प्रशासन