बरेली। पीलीभीत बाइपास पर हुई गोलीकांड के बाद बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) के अफसर अब जाग गए हैं। अचानक ही अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीडीए की टीम ने सेटेलाइट से हरुनगला तक बने भवनों के दस्तावेजों को चेक किया है। यह भी देखा गया कि भवन या जमीन मालिक मौके पर मौजूद हैं या नहीं। इसका पूरा ब्योरा नोट किया गया है।
राजीव राना और आदित्य उपाध्याय गुट के बीच हुई गोलीबारी के बाद बीडीए आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर रहा है। होटल, मकान और एक रिसॉर्ट को बीडीए ध्वस्त कर चुका है। दो होटलों व एक रिसॉर्ट को सील किया गया है। बुधवार को बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए व सचिव योगेंद्र कुमार के निर्देश पर टीमों ने सेटेलाइट से हरुनगला तक मौके पर जाकर होटल, व्यावसायिक भवनों और मकानों के दस्तावेज चेक किए हैं। इस दौरान कई लोगों के दस्तावेज पूरे न होने, मानचित्र स्वीकृत न होने पर चेतावनी दी गई है। उनसे जल्द कंपाउंडिंग कराने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कंपाउंडिंग की फाइल बढ़ाने के बाद ऐसे ही संचालित हो रहे होटल
चेकिंग के दौरान कई भवनों व्यवसायिक भवनों के मानचित्र स्वीकृत नहीं पाए गए। 25 प्रतिशत ऐसी इमारतें मिली हैं, जिन्होंने शमन के लिए आवेदन कर उसकी आधी या पूरी रकम भी जमा कर दी, लेकिन आगे की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया। ऐसे ही वे होटल व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन कर रहे हैं। 10 फीसदी भवन नक्शे के विपरीत बने हैं।
वर्जन
अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। अपराधियों की संपत्तियों की भी जांच जारी है। बीडीए धरातल पर उतरकर काम कर रहा है। अवैध निर्माण की सूची तैयार कर रहे हैं। - मनिकंडन ए, उपाध्यक्ष, बीडीए