बरेली। सिक्सलेन किए गए बदायूं मार्ग पर अब अंतिम परत डाली जा रही है। इससे सड़क पर बारिश व जलभराव का असर नहीं पड़ने का दावा किया जा रहा है।
वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव के बाद बीडीए ने बदायूं रोड का निर्माण शुरू किया था। शुगर फैक्टरी के सामने से नाथ कॉरिडोर के गेट तक (तीन किमी) इसका निर्माण किया जाना था। बीडीए के अधिकारियों के अनुसार 19 करोड़ रुपये से डिवाइडर के दोनों तरफ 10.50-10.50 मीटर सड़क बना दी गई थी। अंतिम परत फरवरी-मार्च तक डाल देना चाहिए था, पर कार्यदायी संस्था ऐसा नहीं कर सकी थी। बीडीए के अधिशासी अभियंता के निर्देश पर अब सड़क पर अंतिम परत डाली जा रही है।
सड़क को पानी से बचाती है वीसी
वीसी यानी वीयरिंग कोट का मतलब सड़क की अंतिम परत से होता है। इसको एक निश्चित तापमान पर ही डाला जा सकता है। फरवरी-मार्च में मौसम अनुकूल था तो इसे नहीं डाला जा सका। इसके बाद बेतहाशा गर्मी बाधक बनी। अब पारा कम हुआ तो इसे डाला जा रहा है। यह परत सड़क को पानी से बचाती है। जलभराव से बचाव के लिए सड़क के 900 मीटर हिस्से को ऊंचा भी किया गया है। यहां डिवाइडर को भी तोड़कर दोबारा और ऊंचा बनाया जा रहा है।
चौरासी घंटा मंदिर के सामने नहीं बनाई सड़क
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बदायूं रोड पर चौरासी घंटा मंदिर के सामने सड़क ही नहीं बनाई गई। यहां मंदिर के सामने लंबे अर्से से सड़क खराब है। यहां देखने से ही पता चल रहा है कि मंदिर से पहले तक ही सड़क बनाई गई है। वहीं, जिम्मेदार इससे पल्ला झाड़ रहे हैं।
वर्जन
सड़क पर अंतिम परत (वीयरिंग कोट) डाली जा रही है। 900 मीटर सड़क को ऊंचा किया गया है। इससे इस बार बदायूं रोड पर जलभराव नहीं होगा। वीसी पड़ने से बरसात में सड़क खराब भी नहीं होगी। - एपीएन सिंह, अधिशासी अभियंता, बीडीए