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Bareilly News: कथित ठेकेदार की मुट्ठी में था गेहूं खरीद का पूरा तंत्र

Tue, 18 Jun 2024 04:24 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। नौगवां भगवंतापुर सहकारी समिति से गायब 656 क्विंटल गेहूं गोदाम में जमा तो हो गया, पर अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। क्रय केंद्र प्रभारी का डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) ऐसे व्यक्ति के पास था जो न खरीद एजेंसी से जुड़ा है, न ही सहकारिता से। पूरी खरीद इसी व्यक्ति ने की। गेहूं भी गोदाम तक इसी ने पहुंचाया, लेकिन केंद्र प्रभारी, खरीद एजेंसी से लेकर सहकारिता विभाग तक, कोई इस व्यक्ति को नहीं जानता।
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केंद्र प्रभारी सचिव रतेंद्र पाल सिंह ने छह जून को एसएसपी को दी शिकायत में कहा था कि यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक ओमेंद्र सिंह ने शाहजहांपुर के अत्येंद्र सिंह उर्फ अतुल सिंह द्वारा क्रय केंद्र चलाने के मौखिक निर्देश उन्हें दिए थे। साथ ही डीएससी अतुल सिंह को देने का दबाव बनाया गया। कहा गया कि अतुल सिंह कहीं से भी गेहूं खरीद कर डिलीवरी कर देंगे। दबाव के कारण सचिव ने डीएससी अतुल को दे दिया।
डीएससी पर सचिव की जगह अतुल सिंह का मोबाइल नंबर फीड कर दिया गया। आरोप है कि अतुल सिंह ने अपने नाम से 189 क्विंटल व अपने परिवार के लोगों के नाम से 195 क्विंटल गेहूं खरीद लिया। इसी तरह उसने रिश्तेदारों व परिचितों के माध्यम से 1,528 क्विंटल गेहूं की खरीद की। आरोप लगाया कि 122.25 क्विंटल गेहूं केंद्र पर रखा था जो डीएससी अतुल के पास होने के कारण गोदाम में जमा नहीं हो पा रहा है। आरएम व अतुल सिंह की मिलीभगत के कारण 1,156 क्विंटल गेहूं रोक लिया गया है।
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सचिव ने बताया कि उसने वकील के माध्यम से अतुल सिंह को दो बार नोटिस भेजा तो 250-250 क्विंटल गेहूं जमा किया गया। इसके बाद 656 क्विंटल गेहूं बचा, जिसे बाद में जमा कर दिया गया।
नियम तो यह है कि किसान से गेहूं खरीद कर या तो सीधे गोदाम पहुंचा दिया जाए या फिर केंद्र पर रखा जाए। यहां इस नियम को भी ताक पर रख दिया गया। सचिव का आरोप है कि यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक के दबाव में उसे अतुल सिंह को वारदाना देना पड़ा। वह केंद्र से एक हजार क्विंटल से ज्यादा के बोरे ले गया। बावजूद इसके गेहूं गोदाम में जमा नहीं किया गया।
यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक ओमेंद्र सिंह ने बताया कि वह किसी अत्येंद्र सिंह उर्फ अतुल सिंह को नहीं जानते। सचिव ने डीएससी किसी दूसरे युवक को क्यों दे दी? इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। सचिव फोन तक नहीं उठाता। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि उनका काम गेहूं खरीद करना है। खरीद के बाद गेहूं को गोदाम तक भिजवाने का जिम्मा केंद्र प्रभारी व सहकारिता विभाग के अफसरों का है। गेहूं गोदाम में किसने जमा किया, यह कोऑपरेटिव वाले बताएंगे। रही बात सचिव के आरोपों की तो वह खुद डिफाल्टर है। पूर्व में उस पर मुकदमे हुए हैं।

केंद्र प्रभारी व यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक से दो दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया था। अभी तक जवाब नहीं आया। गेहूं जमा हो गया, लेकिन जांच अभी जारी है। केंद्र प्रभारी की तरफ से चालान देकर गेहूं जमा होना चाहिए। अत्येंद्र सिंह उर्फ अतुल कौन है, पता नहीं। सभी बिंदुओं पर जांच कर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - बृजेश परिहार, एआर कोऑपरेटिव
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