बरेली। रसूखदार स्कूलों की दहलीज पर नियम-कानून रौंदे जा रहे हैं। छोटों के ख्वाब टूट रहे हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को प्रवेश दिया जाना है, लेकिन जिम्मेदार अल्पसंख्यक संस्थान होने का दावा करते हुए मना कर रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी पहली सूची में 1223 गरीब बच्चों को 1578 रसूखदार स्कूलों में प्रवेश का मौका मिला था। आज प्रवेश की अंतिम तिथि है, फिर भी जिले के कई स्कूल उनको प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। अभिभावक अधिकारियों के पास शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
हाल ही में सोबतीस पब्लिक स्कूल समेत कई विद्यालयों की शिकायतें सामने आई हैं। विभाग को दी जानकारी में जिम्मेदारों ने स्कूल के अल्पसंख्यक संस्थान होने की प्रक्रिया में होने की बात कही है। हालांकि, सोबतीस की प्रधानाचार्य गुंजन साहनी ने एडमिशन लेने की बात पर सहमति जताई है।
केस-1
बिथरी चैनपुर की गुड़िया के पिता मजदूरी करते हैं। उसका नाम पहली सूची में शामिल है। सोमवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे विनोद ने बताया कि उनकी बेटी का एडमिशन इरा इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा एक में होना था। लिस्ट में नाम होने पर भी प्रबंधन ने एडमिशन देने से मना कर दिया है।
केस- 2
बिथरी चैनपुर के मल्हपुर निवासी रविंद्र कुमार किसान हैं। उन्होंने बताया इरा इंटरनेशनल स्कूल में ही उनके बेटे भविष्य कुमार का भी कक्षा एक में एडमिशन होना था। पहली सूची में बेटे का नाम होने के बाद भी विद्यालय में एडमिशन देने से मना कर दिया गया।
केस-3
मौलानगर के नाजिम भी सोमवार को बीएसए के पास शिकायत लेकर पहुंचे। उनका कहना है बेटे आहान का नाम पहली सूची में शामिल है। जीआरएम स्कूल में एडमिशन मिलना है। स्कूल प्रबंधन ने सीट न होने की बात कहकर एडमिशन देेेने से मना कर दिया है।
दूसरी सूची के लिए आवेदन की अंतिम तिथि छह अप्रैल
दूसरी सूची के लिए छह अप्रैल तक दो श्रेणियों में पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। जांच और चयन प्रक्रिया पूरी कर 19 अप्रैल तक दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी।
सरकार के आदेश के अनुपालन में कोताही नहीं बरती जाएगी। आरटीई के तहत प्रवेश के लिए विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी यदि विद्यालय आपत्ति जताते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार, बीएसए
एडमिशन देने से किसी को भी मना नहीं किया गया। बोर्ड परीक्षाओं के चलते इसमें विलंब हुआ है। पांच अप्रैल के बाद एडमिशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - रणवीर सिंह रावत, प्रधानाचार्य, जीआरएम स्कूल
आरटीई के तहत बच्चों का एडमिशन लेने में स्कूल हमेशा से ही आनाकानी करते हैं। हाल ही में जारी सूची में भी कई शिकायतें आई हैं। चयनित बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के मामले भी सामने आए हैं। - अंकुर सक्सेना, अध्यक्ष, अभिभावक संघ