बरेली। शीशगढ़ के जगदीशपुर गांव की घटना में डॉग स्क्वॉड से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने घर के अंदर पड़े नशेड़ी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस को उसने बहकी-बहकी बातें बताईं। अब उसके होश में आने का इंतजार किया जा रहा है।
एसएसपी ने मुआयना किया तो देखा कि कच्ची सड़क के किनारे महिला की चूड़ियां टूटी पड़ी थीं, जबकि शव अंदर पड़ा था। अंदर ग्रामीण और परिवार के लोग भी जा चुके थे। यहां तक कि गले में लगा साड़ी का फंदा भी बेटा खोल चुका था। चारे की गठरी शव से थोड़ा दूर पड़ी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि खेत से गांव की ओर लौटती महिला को हत्यारे ने गन्ने के खेत में खींचा होगा। खेत के किनारे रास्ते पर संघर्ष के निशान होने से यह भी स्पष्ट हुआ कि महिला ने यहीं पर बचाव का प्रयास किया होगा। ऐसे में गठरी भी यहीं गिर गई होगी। शायद हत्या के बाद आरोपी ने यह गठरी रास्ते से उठाकर अंदर शव के पास रख दी।
गठरी के पास उस वक्त तक भीड़ नहीं गई थी। इसलिए टीम ने गठरी खोजी श्वान को सुंघाई तो वह गांव की ओर चल दिया। वह गांव के बीच एक घर के सामने जाकर ठिठक गया। पुलिस ने पता किया तो घर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति का निकला। घर को बमुश्किल खुलवाया गया। यहां संबंधित शख्स नशे की हालत में मिला। अंदर कई शराब की बोतलें भी मिलीं। पुलिस ने पूछा तो बताया कि चार बजे करीब दूसरे गांव से वह घर लौटा है। यही समय महिला के आने का था, इसलिए शक की गुंजाइश और बढ़ गई। फिलहाल उसके होश में आने का इंतजार है।
हाल ही में शाही थाना क्षेत्र के गांव खरसैनी में महिला दुलारी देवी की इसी तरह जान गई थी। तब पुलिस ने संदेह के आधार पर पड़ोस में तालाब किनारे झोंपड़ी डालकर रहने वाले चौकीदार नन्हे को पकड़ा था। उसके पास से महिलाओं के कपड़े, शृंगार का सामान मिला था। हालांकि दुलारी देवी की मौत का कारण स्पष्ट न होने व विसरा सुरक्षित होने से पुलिस कार्रवाई से ठिठक गई। बाद में नन्हे को पौने तीन किलो अफीम के साथ गिरफ्तार दिखाकर जेल भेजा गया था।