बरेली। मलेरिया के लिहाज से संवेदनशील ब्लॉकों में स्वास्थ्य विभाग की तमाम कवायदों के बावजूद मच्छरों का हमला थम नहीं रहा। पहली बार जिले में एक ही परिवार के छह सदस्य घातक फेल्सीपेरम मलेरिया की चपेट में मिले हैं।
भमोरा सीएचसी के तहत गांव पथरी के एक परिवार की चंद्रावती (35), विमला (30), किरण (18), रेखा (12), दिशा (12) और अंकित (13) मलेरिया की चपेट में हैं। परिजनों के मुताबिक दस दिन पहले एक-एक कर सभी बुखार की चपेट में आए थे। मेडिकल स्टोर से दवा लेकर सेवन कर रहे थे, पर जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो वे सीएचसी पहुंचे और जांच कराई। सभी की जांच रिपोर्ट फेल्सीपेरम मलेरिया पॉजिटिव मिलने पर उनका इलाज शुरू हुआ।
परिजनों ने निगरानी पर उठाए सवाल
चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक कुमार के मुताबिक रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद गांव में निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कराई गई। मरीजों के घर के आसपास के घरों में लार्वा नष्ट कराने, फाॅगिंग की कार्रवाई की जा चुकी है। मरीजों को दवा भी दे रहे हैं। उधर, परिजनों ने विभागीय दावे पर सवाल उठाए। बताया कि सीएचसी से एक बार दवा दी गई, फिर उसके बाद कोई भी टीम निगरानी के लिए नहीं पहुंची।
आधे से कम हुए मरीज
मलेरिया मरीजों की सूची में भमोरा संवेदनशील इलाकों में शामिल है, पर बीते वर्ष के सापेक्ष इस बार अब तक 59 मरीज मलेरिया की चपेट में मिले हैं। पिछले साल डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज मिले थे।