फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा- बाबूगीरी से बाज आएं विवेचक: दुष्कर्म के मामले में दो लोगों को किया बरी, महिला पर लगाया जुर्माना

Wed, 25 Sep 2024 10:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में एक महिला ने झूठे आरोप लगाकर दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने भी असत्य तथ्यों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले में कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं व गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। विवेचक पर सख्त टिप्पणी की है। 
 
विज्ञापन
court new - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और अश्लील वीडियो वायरल करने के मुकदमे में दो लोगों को दोषमुक्त कर दिया है। आरोप लगाने वाली महिला पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि का भुगतान 30 दिन में दोषमुक्त करार दिए गए लोगों को किए जाने का आदेश दिया है। असत्य तथ्यों पर चार्जशीट दाखिल करने पर कोर्ट ने कहा कि विवेचक लिपिक की तरह काम न करें। साथ ही, सीओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

विज्ञापन


शीशगढ़ थाना क्षेत्र की महिला ने 26 अक्तूबर 2023 को परिचित श्रवण और गुड्डू पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि 15 अगस्त 2022 को श्रवण ने उसे सूचना दी कि उसके पति का एक्सीडेंट हो गया है। वह गांव के बाहर रोड पर पहुंची तो वहां श्रवण और गुड्डू मिले। 

महिला ने लगाया था ये आरोप 
गुड्डू ने उसके हाथ से मोबाइल फोन ले लिया और कहा कि वह उसके पति को ढूंढ रहे हैं। इसके बाद दोनों उसको खेत में ले गए और बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दोनों ने उसका वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। कई अन्य लोगों से भी दुष्कर्म कराया। दोनों ने कई बार ब्लैकमेल करके उससे रुपये भी वसूल किए। 

विज्ञापन

आरोप लगाया कि थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं। इसके बाद वह एसएसपी से मिली। एसएसपी के आदेश पर 14 माह बाद रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना कर पुलिस ने श्रवण और गुड्डू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं व गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।

'विवेचक का काम सत्य तलाशना, असत्य तथ्यों पर आरोपपत्र देना नहीं'
कोर्ट ने आदेश में तत्कालीन सीओ तेजवीर सिंह और तत्कालीन इंस्पेक्टर शीशगढ़ रविंद्र कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि असत्य तथ्यों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया गया है। उन्होंने अपने कर्तव्य का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। इस कारण श्रवण और गुड्डू को जेल में रहना पड़ा। विवेचक का काम सत्य को खोजना है। एसएसपी बरेली सभी थानों को सचेत करें कि असत्य तथ्यों के आधार पर किसी व्यक्ति को झूठे मामले में न फंसाया जाए। विवेचक लिपिक की तरह काम न करें।

शादी के दो दिन बाद ही श्रवण को हो गई थी जेल
दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त किए गए श्रवण और गुड्डू का कहना है कि यह न्याय की जीत है, लेकिन समाज में अपमान और जेल में उन्होंने जो प्रताड़ना झेली, उसे ताउम्र नहीं भूल सकेंगे। वह चीख-चीख कर बेगुनाही के सबूत देते रहे पर तत्कालीन इंस्पेक्टर ने उनकी एक न सुनी।

श्रवण को पुलिस ने शादी के दो दिन बाद ही जेल भेज दिया था। गुड्डू भी उस समय बीए का छात्र था। अब उसकी उम्र 22 साल है। श्रवण का कहना है कि उसे आठ और गुड्डू को नौ माह बाद जमानत मिली। दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला की उम्र 48 साल है। 

उसकी शादी से पहले महिला ने 20 लाख रुपये की मांग की थी। महिला की पुलिस से मिलीभगत थी। यही वजह रही कि एक साल दो माह बाद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई और पुलिस ने बिना जांच पड़ताल उनको जेल भेज दिया।
विज्ञापन

'पुलिस पर भी होनी चाहिए कार्रवाई' 
गुड्डू आठ बहनों में इकलौता भाई है। उसके परिवार को भी प्रताड़ना और सामाजिक बदनामी का सामना करना पड़ा। श्रवण ने मांग की कि उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और चार्जशीट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

उसने बताया कि दोनों का परिवार कोर्ट के फैसले से काफी खुश है। यह न्याय की जीत है। जब वह जेल गया उसी साल उसने बीए पास किया था। गुड्डू बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। पुलिस ने इन पहलुओं को भी नहीं देखा। उनको न्यायालय पर पूरा भरोसा था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें