बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं समेत परिसर में रहने वाले सभी लोगों को अपने कंप्यूटर-लैपटॉप के इलाज के लिए अब कैंपस से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सीएसआईटी विभाग (कंप्यूटर साइंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) की टीम ने आईटी क्लीनिक खोला है, यहां कंप्यूटर की हर तरह की बीमारी का इलाज हो जाएगा। पहली बार परामर्श मुफ्त मिलेगा, लेकिन दोबारा आने पर 200 रुपये फीस देनी होगी। ये टीम रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन की वेबसाइट भी डिजाइन कर चुकी है।
आईटी क्लीनिक में बीटेक दूसरे, तीसरे और अंतिम वर्ष के कुल आठ विद्यार्थी शामिल हैं। ये सभी समय-समय पर परिसर में निशुल्क शिविर भी लगाते हैं, जिसके माध्यम से तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाता है। इस टीम में हर साल बदलाव भी किया जाता है, ताकि नए विद्यार्थियों को अवसर मिल सके। रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन की वेबसाइट को डिजाइन करना इस क्लीनिक की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। क्लीनिक की टीम विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों के सदस्यों के लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्टिविटी संबंधी समस्या का निदान कर चुकी है।
आईटी क्लीनिक का लक्ष्य आईटी जरूरतों के लिए एक ही जगह पर सभी समाधान देना है। इसमें हार्डवेयर मरम्मत, सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन, नेटवर्किंग सेटअप, आईटी परामर्श शामिल है। आईटी क्लीनिक की टीम के मार्गदर्शन में सीएसआईटी के विभागाध्यक्ष सलाहकार की भूमिका निभाते हैं। इसमें तकनीकी सहायता टीम (लैब स्टाफ) छात्रों का काम, पर्यवेक्षण और प्रबंधन करती हैं। टीम परिसर के लोगों की समस्याओं का समाधान शुल्क लेकर करते हैं। इसके लिए संयुक्त बचत बैंक खाता भी खेला गया है।
विश्वविद्यालय के आईटी क्लीनिक में बीटेक के विद्यार्थी निशुल्क परामर्श भी देते हैं। हाल ही में उन्होंने रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन की वेबसाइट भी डिजाइन की है। इसका उद्देश्य छात्रों को रोजगार परक शिक्षा देना है। - डॉ अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, रुविवि