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Bareilly: रुहेलखंड विश्वविद्यालय में उठापटक के बीच कुलसचिव से छिना प्रभार, सुनीता यादव को मिली जिम्मेदारी

Sat, 13 Apr 2024 02:06 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि कुलपति ने कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरक्त किया है। उनके स्थान पर उप कुलसचिव सुनीता यादव को वर्तमान दायित्वों के साथ कुलसचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है। 
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उप कुलसचिव सुनीता यादव ने सौंपा गया अतिरिक्त प्रभार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कई महीनों से चल रही उठापटक के बीच शुक्रवार को कुलपति ने कुलसचिव अजय कृष्ण यादव से प्रभार छीन लिया है। साथ ही उनसे सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब वह नेहरू केंद्र में सेवाएं देंगे। उनके स्थान पर उप कुलसचिव सुनीता यादव को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।  

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विश्वविद्यालय में तकरीबन नौ माह से कुलसचिव और शिक्षकों के बीच फाइलों को लेकर विवाद चल रहा था। सबसे अधिक समस्या उन शिक्षकों को हुई, जिन्हें मई 2023 में पदोन्नति मिती थी। अब तक उनके प्रोन्नत वेतनमान का निर्धारण नहीं हो सका है। 

शिक्षकों ने आरोप लगाया था कि कुलसचिव स्तर पर जानबूझकर फाइलों को रोका जा रहा है। इसको लेकर बुधवार को शिक्षकों ने कुलसचिव को चार घंटे तक बंधक बनाया था। धक्कमुक्की करते हुए उनकी कार भी पंक्चर कर दी थी।

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लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें 
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि उप्र राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम और संगत नियमावलियों के अधीन विवि के वर्तमान कुलसचिव के विरुद्ध लंबे समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इससे विवि की साख, शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा था। विद्यार्थियों से संबंधित कार्यों में भी व्यवधान हो रहा था। बीते 11 माह में कुल सचिव को लिखित रूप से परिस्थितियों से अवगत कराते हुए उनके सहयोग, समन्वय के लिए आग्रह किया गया। इसके बाद भी उन्होंने सहयोग नहीं किया। 

डॉ. अमित के मुताबिक इसी वजह से कुलपति ने कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरक्त किया है। उनके स्थान पर उप कुलसचिव सुनीता यादव को वर्तमान दायित्वों के साथ कुलसचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है। सात दिनों में कुलसचिव की ओर से उचित जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। 

लंबे समय से चल  रहा था विवाद
कुलसचिव की तैनाती के बाद से कुलपति और उनके बीच शीतयुद्ध चल रहा था। आईजीआरएस पर नियुक्ति संबंधी शिकायत होने पर कुलपति ने दो लोगों की जांच समिति बनाई थी। आरोप है कि कुलसचिव को समिति से दूर रखा गया और समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिकायतकर्ता को जवाब दिया गया।

कुलपति ने बुलाई बैठक
विश्वविद्यालय में सुबह उप कुलसचिव ने कुलसचिव पद का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया। कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। अपराह्न तीन बजे कुलपति कार्यालय में सभी संकायाध्यक्षों और निदेशक की बैठक बुलाई गई। इसमें कुलपति ने सभी को प्रकरण से अवगत कराया।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि कुलसचिव के संबंध में लंबे समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। वह कार्य के प्रति उदासीनता बरत रहे थे, जिसका प्रभाव विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर पड़ रहा था। कई बार चेतावनी के बाद भी सुधार न होने पर उनको अग्रिम आदेशों तक प्रशासनिक कार्यों से विरक्त कर दिया है। 

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने कहा कि मैंने विश्वविद्यालय में अब तक जो भी कार्य किए हैं, सभी शासन के निर्देशानुसार हैं। मेरी जवाबदेही शासन स्तर पर है। उपकुलसचिव को अतिरिक्त प्रभार देने और मेरे विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी मुझे नहीं दी गई है।
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