लखीमपुर खीरी। पालिका के गो-आश्रय स्थल में बने कंडे आमजन को सर्दी से बचा रहे हैं। शहर के चौराहों पर जल रहे अलाव में लकड़ी के साथ इन कंडों का प्रयोग किया जा रहा है। कंडे जलने से पालिका के खर्च में भी कमी आएगी। करीब 50 फीसदी बजट कम खर्च होगा।
बीते करीब 20 दिनों से पड़ रही ठंड ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। सड़क किनारे रात गुजारने वाले लोगों के लिए नगर पालिका के अधिकारियों ने रैन बसेरा के अलावा शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था कराई गई। रात करीब 10 बजे के आस पास चौराहों पर अलाव जलने शुरू हो जाते हैं।
नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले साल करीब आठ लाख रुपये अलाव के लिए खर्च हुए थे। ठंड में अलाव का इंतजाम हो और बजट भी आधा खर्च हो इसको लेकर मैनहा स्थित गा-आश्रय स्थल में बने कंडों से अलाव जलवाए जा रहे हैं। कंडों की आग काफी देर तक रहती है। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है। गो-आश्रय स्थल पर मशीन से कंडे बनाए जा रहे हैं। इस बार पचास फीसदी बजट की बचत होगी।