फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: जांच उपकरण खराब... निजी व्यवस्था से नाप रहे मरीजों का बुखार, बीपी

विज्ञापन
विज्ञापन
इंफ्रारेड थर्मामीटर, स्फिग्मोमैनोमीटर कई स्वास्थ्य केंद्रों पर हैं खराब, भेज गया मांगपत्र
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। ब्लड प्रेशर, बुखार की जांच के उपकरण कई स्वास्थ्य केंद्रों पर खराब पड़े हैं। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जांच न होने पर मरीजों से नोकझोंक की स्थिति बन रही है। इससे बचने के लिए अस्पताल स्टाफ अब निजी खर्च से उपकरण खरीदकर मरीजों का बीपी और बुखार की जांच कर रहे हैं।
ऐसा हाल रविवार को शहर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल के दौरान अमर उजाला टीम को नजर आया। दोपहर करीब एक बजे टीम जाटवपुरा स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां चिकित्सक डॉ. अभिषेक और स्टाफ मौजूद था। तब तक 43 मरीज देखे जा चुके थे। बताया कि स्टाफ पूरा है और दवाएं भी भरपूर हैं, लेकिन ब्लड प्रेशर जांच उपकरण स्फिग्मोमैनोमीटर खराब है। उच्चाधिकारी से नए उपकरण की मांग की, पर अब तक नहीं मिला। मरीजों की जांच के लिए निजी व्यवस्था करनी पड़ी। इसके बाद दोपहर दो बजे टीम हजियापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची।यहां बुखार पीड़ितों को बिना जांच के ही दवा दी गई। चिकित्सक डॉ. एमएल मौर्य ने बताया कि ब्लड प्रेशर जांच मशीन और इंफ्रारेड थर्मामीटर खराब हैं। नई मशीन के लिए मांग पत्र भेजा गया है। जो अभी नहीं मिला।
विज्ञापन


कोरोना के दौरान जांच के लिए मिले थे थर्मामीटर
यूपीएचसी, पीएचसी पर कोरोना महामारी के दौरान पारंपरिक पारा वाले के बजाय इंफ्रारेड थर्मामीटर बांटे गए थे। इसी तरह बीपी की जांच के लिए पारंपरिक स्फिग्मोमेनोमीटर के बजाय डिजिटल बीपी जांच मशीन दी गई थी। ताकि जांच के दौरान संक्रमण की आशंका न रहे। कोरोना थमे दो वर्ष बीत चुका है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो चुके हैं। जिन्हें बदलने के लिए अब तक कोई ठोस पहल स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की।
विज्ञापन


खुजली, खाज और वायरल के मरीजों की तादाद ज्यादा
चिकित्सकों के मुताबिक धूप, उमस और बारिश होने से अब वायरल और त्वचा रोगियों की तादाद बढ़ी है। रविवार को जिले के 71 स्वास्थ्य केंद्राें पर आयोजित आरोग्य मेले में करीब चार हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचे। करीब डेढ़ हजार मरीज इन्हीं बीमारियों की चपेट में रहे। डॉ. अभिषेक के मुताबिक चिपचिपी गर्मी होने से त्वचा रोग बढ़ रहे हैं। खुजली और खाज के साथ ही, सर्द-गर्म और खांसी के मरीजों की तादाद बढ़ गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें