बरेली। शहर में 55 हजार आवारा कुत्ते हैं। इनके आतंक का आलम यह है कि रोजाना करीब 300 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर, नगर निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा है। छह साल में सिर्फ आठ हजार कुत्ते पकड़े जा सके हैं। फिलहाल, सात माह से कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर की योजना बनाई जा रही है। अब तक टेंडर नहीं हो सका है। इस बार 917 रुपये की दर से कुत्तों को पकड़ने और उनको बधिया किए जाने का टेंडर दिए जाने की योजना है।
कुत्तों को पकड़कर उनका बधियाकरण करने के बाद संबंधित फर्म पांच से छह दिनों तक उनको अपनी निगरानी में रखती है। सीबीगंज के खड़ौआ गांव में बने केंद्र में 50 कुत्तों को रखने की क्षमता है। परसाखेड़ा में नए केंद्र का काम 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2025 तक यह केंद्र भी निगम को मिल जाएगा। इसके बाद कुत्तों को पकड़ने और बधियाकरण में तेजी आएगी। नए केंद्र में डेढ़ सौ से दो सौ कुत्तों को रखने की क्षमता होगी।
अभी नया टेंडर नहीं हुआ है। पुरानी फर्म से ही कुत्तों को पकड़वाया जा रहा है। जल्द ही परसाखेड़ा का केंद्र मिलेगा तो कुत्तों के बधियाकरण में तेजी आ जाएगी। टेंडर प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। - डॉ. आदित्य तिवारी, पशु कल्याण अधिकारी
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