मीरगंज। शाही थाना क्षेत्र के गांव गौसगंज में हुए सांप्रदायिक बवाल के मुख्य आरोपी इश्त्याक अली अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। पलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने बताया कि 18 जुलाई को दिन में तीन बार बैठक हुई थी। उसने बख्तावर व अन्य ग्रामीणों के साथ हिंदू पक्ष के लोगों व पुलिस पर हमला करने की योजना बनाई थी। 19 जुलाई की रात नौ बजे एक राय होकर हिंदू पक्ष के घरों पर हमला किया था। पूर्व प्रधान हीरालाल के पुत्र तेजपाल को मस्जिद में ले जाकर ईंटों से सिर कुचल दिया था।
मीरगंज इंस्पेक्टर कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि मंगलवार रात वह टीम के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गौसगंज बवाल का मुख्य आरोपी इश्त्याक अली अंसारी फिरोजपुर भट्ठे के पास है। पुलिस टीम ने रात 12 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को आरोपी इश्त्याक अली अंसारी को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया।
इस मामले में बख्तावर को जेल भेजकर उसका घर जेसीबी से गिराया गया था। बख्तावर के दो बेटे आसिद व अशरफ पर एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। विवेचना मीरगंज थाने को ट्रांसफर कर दी गई थी। दोनों ने एक अगस्त को जेएम प्रथम श्वेता तिवारी की अदालत में सरेंडर कर दिया था। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया था।
ये था मामला
19 जुलाई को शाही थाना क्षेत्र के ग्राम जुन्हाई मजरा, गौसगंज के मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा हिंदू समाज के घरों पर सामूहिक तौर पर हमला किया गया था। इसमें तेजपाल लोधी पुत्र हीरालाल लोधी को हमलावर घर से खींचकर मस्जिद में ले गए थे। यहां उसका सिर कुचल दिया। दो दिन बाद तेजपाल की मौत हो गई थी। साथ ही 10-12 घरों पर हमलावरों ने जमकर बवाल किया बच्चों व औरतों के साथ मारपीट की थी। दरवाजे तोड़कर घरों में उत्पात मचाया था।