जैतीपुर क्षेत्र में हो रही हैंडपंप की जांच। संवाद
जैतीपुर। क्षेत्र के गांवों में लगे हैंडपंपों की जांच करने पहुंची टीम को भारी अनियमितताएं मिलीं हैं। कई हैंडपंप गांव में लगे ही नहीं थे। अन्य हैंडपंप में भी कमियां मिलीं हैं।
बंडा के रामप्रवेश शुक्ला ने जैतीपुर क्षेत्र में कराए गए हैंडपंपों के रिबोर मामले में घोटाले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की थी। इसके बाद प्रशासन ने टीम गठित कर हैंडपंपों की जांच शुरू कराई थी। बृहस्पतिवार को जल निगम के अवर अभियंता अरविंद पटेल ने टीम के साथ जांच की। पांच गांवों के 25 हैंडपंप की जांच की गई। इनमें से लगभग हर हैंडपंप में खामी मिली है। गोविंदपुर में पांच, आलमपुर में पांच, बिनौरा बिनौरिया में सात, मरेना में चार, रुद्रपुर में चार हैंडपंप टीम ने देखे। मरेना गांव में उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार चार हैंडपंप होने चाहिए थे। टीम के मौके पर पहुंचने पर वहां एक भी नल नहीं मिला।
बिनौरा बिनौरिया में दी गई सूची में पांच लोग गांव के निवासी ही नहीं निकले। इनके नाम रिबोर दिखाकर रुपये निकाले गए हैं। अन्य हैंडपंपों में भी मानक के मुताबिक काम नहीं मिला। किसी में पाइप कम था तो किसी में बोरिंग की गहराई कम मिली। किसी भी नल का चबूतरा मानक के अनुसार बना हुआ नहीं था। एक्सईएन जल निगम कपिल एम. सिंह ने बताया कि अभी जांच चल रही है।