बरेली। जिले में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के अंतर्गत ऋण वितरण प्रक्रिया रुक गई है। जरूरतमंद आवेदकों को ऋण वितरण का लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय से लौटाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि नए लक्ष्य तय होने तक इंतजार कीजिए। ऐसे में आवेदक स्ट्रीट वेंडर भटक रहे हैं। अप्रैल में नए लक्ष्य तय होने पर ऋण वितरण शुरू होने की बात कही जा रही है।
आवेदकों को लौटाने का ये सिलसिला पिछले करीब 15 दिन से चल रहा है। डूडा के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में तैनात बाबुओं का कहना है कि लक्ष्य से अधिक संख्या में लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। नए लक्ष्य आएंगे तभी फार्म बैंकों के लिए अग्रसारित किए जाएंगे। चूंकि स्थानीय निकाय और नगरीय विकास अभिकरण से जिन आवेदकों के फार्म अग्रसारित होते हैं, उन्हें ही बैंक से ऋण ऑनलाइन मिलता है, इसलिए आवेदकों को मदद नहीं मिल पा रही।
आवेदकों के अनुसार अभिकरण के एपीओ राकेश कुमार से शुक्रवार को जब कार्यालय में पूछा गया तो वह बोले कि नए वित्तीय वर्ष के लक्ष्य आने पर ही आवेदन अग्रसारित किया जा सकेंगे। तभी प्रतीक्षा कर रहे स्ट्रीट वेंडर्स को भी ऋण मिलेगा।
क्या है योजना
पीएम स्वनिधि योजना 1 जून 2020 को लागू हुई थी। नगर निगम और 19 स्थानीय निकायों में लागू इस योजना का मकसद स्ट्रीट वेंडर्स को दस हजार रुपये का ऋण देने के बाद पुनः भुगतान को प्रोत्साहित करना और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है। अगर दस हजार रुपये का ऋण वेंडर्स अदा करते हैं तो 20 हजार रुपये का ऋण मिल जाता है। 20 हजार रुपये का ऋण अदा करेंगे तो 50 हजार रुपये का ऋण खाते में बिना किसी गारंटी के क्रेडिट हो जाएगा। ऋण वापसी एक वर्ष में 12 मासिक किस्तों के माध्यम से होती है। समय से पहले ऋण वापस करने पर सात प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान मिलता है। डिजिटल लेनदेन पर कैश बैक मिलता है।
इन स्थानों पर है आवेदकों को इंतजार
नगर पालिका स्तर पर आंवला, बहेड़ी, फरीदपुर, नवाबगंज में आवेदक हैं। वहीं नगर पंचायत स्तर पर बिशारतगंज, देवरनियां, धौराटांडा, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी, फतेहगंज पूर्वी, मीरगंज, रिछा, रिठौरा, सेंथल, शाही, शेरगढ़, शीशगढ़, सिरौली, ठिरियानिजावत खां में भी आवेदकों को ऋण का इंतजार है।
बोले अभ्यर्थी
मैं जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय में पीएम स्वनिधि योजना का लाभ लेने के लिए गया था। मुझसे कर्मचारियों ने कहा कि फिलहाल कोई लक्ष्य नहीं है, जल्द ही लक्ष्य आएंगे तब ऋण मिल पाएगा। - फुरकान, परतापुर जीवन सहाय
मैं तो यही सोचता था कि एक बार डूडा कार्यालय जाऊंगा तो आवेदन अग्रसारित होगा और मुझे ऋण मिलेगा, लेकिन बता दिया गया कि अभी लक्ष्य निर्धारित नहीं है। इसलिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। - अभय कुमार, रेलवे कॉलोनी
कोट-
नगरीय विकास अभिकरण का मुझे कल ही चार्ज मिला है। मैं दिखवाता हूं कि क्या समस्या है। अगर कोई समस्या है तो समाधान कराएंगे। - उदित पवार, डिप्टी कलक्टर, पीओ डूडा
ये है स्थिति
- 41198 वेंडर्स को दस हजार रुपये तक का ऋण देने का लक्ष्य था, लेकिन लक्ष्य से अधिक 46274 वेंडर्स को ऋण दिए गए।
- 22796 के सापेक्ष 15181 वेंडर्स को 20-20 हजार और 2389 के सापेक्ष 1145 वेंडर्स को 50-50 हजार रुपये के ऋण दिए गए।
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